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सरकारी धन गबन मामले में पुलिस की एफआर खारिज
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बाराबंकी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नंद कुमार ने थाना देवा के ग्राम अडौरा में सरकारी धन के बंदरबांट व गबन मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस द्वारा भेजी गई फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। यही नहीं न्यायालय ने इस मामले में पूर्व एसपी अरविंद चतुर्वेदी, सीडीओ मेघा रूपम, बीडीओ देवा अनूप कुमार सहित छह लोगों को सरकारी धन गबन व साजिश करने का प्रथमदृष्टया आरोपी मानते हुए 15 मार्च को कोर्ट में तलब किया है।
वादी रामप्रताप ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामला प्रस्तुत कर कहा था कि उनके गांव अडौरा में 511 शौचालय निर्माण होना था लेकिन मात्र 300 शौचालय निर्माण कराया गया। शेष के सरकारी धन का गबन किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले की एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। थाना प्रभारी प्रकाश शर्मा ने एफआईआर लिखते समय गबन की धारा ही अंकित नहीं की। कई बार हुई जांच में यह बात स्पष्ट हो गयी कि काफी संख्या में शौचालय नहीं बनाए गये हैं।
कोर्ट ने माना कि सरकारी धन का गबन किया गया है। इस प्रकरण में बीडीओ, सीडीओ, पूर्व एसपी, थानाध्यक्ष सहित आधा दर्जन आरोपियों की साजिश है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले को दर्ज करते समय ही थानाध्यक्ष ने सरकारी धन गबन की धारा 409 दर्ज नहीं की। इसमें सभी आरोपियों की साजिश है।
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कोर्ट ने स्वत: धारा 409 की बढ़ोतरी करते हुए सभी आधा दर्जन आरोपियों को 15 मार्च को अदालत में तलब किया तथा पुलिस द्वारा भेजी गई अंतिम रिपोर्ट खारिज कर मामले को सरकारी केस के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। वादी की ओर से शिव कुमार व अतुल एडवोकेट ने पैरवी की।
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वादी रामप्रताप ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामला प्रस्तुत कर कहा था कि उनके गांव अडौरा में 511 शौचालय निर्माण होना था लेकिन मात्र 300 शौचालय निर्माण कराया गया। शेष के सरकारी धन का गबन किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले की एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। थाना प्रभारी प्रकाश शर्मा ने एफआईआर लिखते समय गबन की धारा ही अंकित नहीं की। कई बार हुई जांच में यह बात स्पष्ट हो गयी कि काफी संख्या में शौचालय नहीं बनाए गये हैं।
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कोर्ट ने माना कि सरकारी धन का गबन किया गया है। इस प्रकरण में बीडीओ, सीडीओ, पूर्व एसपी, थानाध्यक्ष सहित आधा दर्जन आरोपियों की साजिश है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले को दर्ज करते समय ही थानाध्यक्ष ने सरकारी धन गबन की धारा 409 दर्ज नहीं की। इसमें सभी आरोपियों की साजिश है।
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कोर्ट ने स्वत: धारा 409 की बढ़ोतरी करते हुए सभी आधा दर्जन आरोपियों को 15 मार्च को अदालत में तलब किया तथा पुलिस द्वारा भेजी गई अंतिम रिपोर्ट खारिज कर मामले को सरकारी केस के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। वादी की ओर से शिव कुमार व अतुल एडवोकेट ने पैरवी की।