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16 लाख रुपये गबन के आरोपी पूर्व ग्राम प्रधान को जेल
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सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। करीब दो वर्ष पहले लाखों रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने पूर्व प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उसने सचिव के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खाते से रकम निकाल ली थी।
कोतवाली बदोसरायं की पुलिस ने करीब दो वर्ष पूर्व लाखों रुपयों के गबन के आरोपी पूर्व प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वर्ष 2019 में मोहिद्दीनपुर के तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रेम यादव ने चेक पर ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शौचालय का 10 लाख 92 हजार तथा ग्रामनिधि प्रथम के पांच लाख रुपये निकाल लिये थे।
मामले का खुलासा होने पर ग्राम पंचायत सचिव ने इस संबंध में कोतवाली बदोसरायं में ग्राम प्रधान के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन सहित कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया। कोतवाली पुलिस ने ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर को सत्यापित करने के लिए भेज दिया। उस समय पुलिस ने ग्राम प्रधान का पक्ष लेते हुए कहा कि यह हस्ताक्षर ग्राम प्रधान के नहीं बल्कि खुद ग्राम पंचायत सचिव के हैं।
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एक सप्ताह पूर्व आई जांच रिपोर्ट में वह हस्ताक्षर ग्राम पंचायत सचिव के नहीं पाए गए। इससे यह साबित हो गया कि ग्राम प्रधान ने फर्जी हस्ताक्षर करके घोटाला किया था। इस मुकदमे के विवेचक एसआई कन्हैया यादव ने बताया कि आरोपी पूर्व ग्राम प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
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कोतवाली बदोसरायं की पुलिस ने करीब दो वर्ष पूर्व लाखों रुपयों के गबन के आरोपी पूर्व प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वर्ष 2019 में मोहिद्दीनपुर के तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रेम यादव ने चेक पर ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शौचालय का 10 लाख 92 हजार तथा ग्रामनिधि प्रथम के पांच लाख रुपये निकाल लिये थे।
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मामले का खुलासा होने पर ग्राम पंचायत सचिव ने इस संबंध में कोतवाली बदोसरायं में ग्राम प्रधान के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन सहित कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया। कोतवाली पुलिस ने ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर को सत्यापित करने के लिए भेज दिया। उस समय पुलिस ने ग्राम प्रधान का पक्ष लेते हुए कहा कि यह हस्ताक्षर ग्राम प्रधान के नहीं बल्कि खुद ग्राम पंचायत सचिव के हैं।
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एक सप्ताह पूर्व आई जांच रिपोर्ट में वह हस्ताक्षर ग्राम पंचायत सचिव के नहीं पाए गए। इससे यह साबित हो गया कि ग्राम प्रधान ने फर्जी हस्ताक्षर करके घोटाला किया था। इस मुकदमे के विवेचक एसआई कन्हैया यादव ने बताया कि आरोपी पूर्व ग्राम प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।