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Barabanki News: 12 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, पलायन शुरू

Tue, 08 Aug 2023 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Tue, 08 Aug 2023 01:30 AM IST
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Flood water entered 12 villages, migration started
कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सूरयू नदी का पानी लाल निशान पार कर गांवों में घुसने लगा है। इससे तराई के करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा डेढ़ दर्जन गांव ऐसे हैं जो पानी से घिर चुके हैं और कभी भी पानी गांवों के अंदर पहुंच सकता है। नदी के तेवर देख तराई के लोग नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। यहां के लोगों को आरोप है कि नदी का पानी गांवों के अंदर पहुंच गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें अभी कोई मदद नहीं मिल सकी है।
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सरयू नदी का पानी खतरे के निशाने से 25 सेमी. ऊपर बह रहा है। इससे नदी के कछार में बसे रेता, मंझारायपुर, नव्वनपुरवा, परसवाल, तेलवारी, गोबरहा, कहारनपुरवा, सनाव, जमका, खुज्जी, परशुराम पुरवा, फाजिलपुर, अकौना आदि गावों में पानी भर गया है। जबकि भैरवकोल, सरायसुर्जन, भयकपुरवा, बघौलीपुरवा, टेपरा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, बबुरी, मनीरामपुरवा, सरदहा, टाटेरवा बाढ़ के पानी से घिरे हुए है।
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इन गांवों में बाढ़ का पानी किसी भी समय प्रवेश कर सकता है। जिससे यहां के लोगों ने निजी नावों के सहारे पलायन शुरू कर दिया है। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और तेजी से हो रही कटान को देखते हुए रामू, प्यारे, बाबूराम, अवधराम, रामअवध व ईश्वर चंद्र आदि ने पलायन शुरू कर दिया है। कच्चे घरों में बसे ये लोग घरों को छोड़कर जा रहे हैं, वहीं जिनके मकान पक्के बने हैं, वह भी उसे तोड़ ईंटें निकाल सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। वहीं तहसील प्रशासन टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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अभी तक नहीं बनी बाढ़ चौकी
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर गया है। मगर प्रशासन की ओर से अभी तक न तो बाढ़ चौकी बनाई गई हैं और न ही बाढ़ क्षेत्र में सरकारी नाव दिखाई पड़ रही। लोग निजी नाव के सहारे पलायन कर रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि हर बार 15 अगस्त के पहले नदी का पानी बढ़ जाता है। यह जानकर भी अभी तक बाढ़ क्षेत्र में कोई व्यवस्था प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।






एसडीएम के सामने छलका पीड़ितों का दर्द
एसडीएम सिरौलीगौसपुर विश्वमित्र सिंह ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित तेलवारी गांव का निरीक्षण किया। यहां के रजिंदर, पृथ्वी, कल्लू आदि ने बताया कि तीन साल हो गए, नाव चलाने का पैसा अभी तक नहीं मिला है। जिस पर एसडीएम ने शीघ्र ही पैसा दिलाने का आश्वासन दिया। राजस्व कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखी जाए और जो लोग निचले हिस्से में है, उन्हें सुरक्षित बाहर पहुंचाया जाए।
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