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Barabanki News: तटबंध पर मड़ैया छोड़ गांव लौटने लगे बाढ़ पीड़ित
Sun, 14 Jul 2024 04:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 14 Jul 2024 04:44 AM IST
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बाराबंकी सिरौलीगौसपुर के तेलवारी ओर इटाहुआपूर्व गांव के बीच खेतों में कटान करती सरयू नदी।
बाराबंकी। करीब दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद सरयू नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। शनिवार को नदी का जलस्तर ब्रिज पर खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर नीचे पाया गया। रात में नदी चेतावनी बिंदु से भी नीचे चली जाएगी। लेकिन, मौसम को देखते हुए अभी जलस्तर बढ़ने और बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है।
सप्ताह पर पहले सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर पहुंच गया था। जिसके बाद करीब दो दर्जन गांवों में पानी भर गया था, सड़कें डूब गईं थीं। स्कूल जलमग्न हो गए थे। लेकिन धीरे-धीरे जलस्तर कम हुआ। पानी घटने के बाद लोग गांव में लौट रहे हैं। लेकिन रास्तों व सड़कों पर कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन में दिक्कतें आ रहीं हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र में अलीपुर रानीमऊ तटबंध पर बसे ग्रामीण अपनी मड़ैया छोड़कर गांव में तो जा चुके हैं, लेकिन मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। पानी घटने के बाद त्वचा रोग और सर्दी-जुकाम व बुखार के मरीज भी बढ़े हैं।
जलस्तर कम होने के बाद नदी कहीं-कहीं पर कटान कर रही है। सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी और इटहुवा पूर्व गांव के बीच में लगातार कटान कर रही है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत ने बताया कि नदी का जलस्तर काफी कम है, लेकिन नेपाल से पानी छोड़े जाने से इन्कार नहीं किया जा सकता। डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि सेना बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। जलस्तर बढ़ने और संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर पूरी तैयारी है।
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सप्ताह पर पहले सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर पहुंच गया था। जिसके बाद करीब दो दर्जन गांवों में पानी भर गया था, सड़कें डूब गईं थीं। स्कूल जलमग्न हो गए थे। लेकिन धीरे-धीरे जलस्तर कम हुआ। पानी घटने के बाद लोग गांव में लौट रहे हैं। लेकिन रास्तों व सड़कों पर कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन में दिक्कतें आ रहीं हैं। रामनगर तहसील क्षेत्र में अलीपुर रानीमऊ तटबंध पर बसे ग्रामीण अपनी मड़ैया छोड़कर गांव में तो जा चुके हैं, लेकिन मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। पानी घटने के बाद त्वचा रोग और सर्दी-जुकाम व बुखार के मरीज भी बढ़े हैं।
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जलस्तर कम होने के बाद नदी कहीं-कहीं पर कटान कर रही है। सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी और इटहुवा पूर्व गांव के बीच में लगातार कटान कर रही है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत ने बताया कि नदी का जलस्तर काफी कम है, लेकिन नेपाल से पानी छोड़े जाने से इन्कार नहीं किया जा सकता। डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि सेना बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। जलस्तर बढ़ने और संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर पूरी तैयारी है।
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