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सरयू ने पार किया लाल निशान, सात गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
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गनेशपुर/ कोटवाधाम (बाराबंकी)। नेपाल से छोड़े गए पानी की वजह से सरयू नदी का पानी लाल निशान को पार कर गया है। नदी का पानी खतरे के निशान से सात सेमी ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ जाने से स्पर निर्माण और कटान रोकने को लेकर जो कार्य कराए जा रहे थे वह पूरी तरह से ठप हो गए हैं।
गनेशपुर प्रतिनिधि के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के मुताबिक नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 को पार कर 106.146 पर पहुंच गया है इस प्रकार से नदी का पानी खतरे के निशान से सात सेमी ऊपर पहुंच गया है। कंट्रोल रूम के अनुसार नदी का पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिससे कोरियन पुरवा तपेसिपाह के निकट कटान रोकने को लेकर जो कार्य चल रहा था वहीं पूरी तरह से ठप हो गया है।
कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी सरायं सुरजन, टेपरा कुर्मिन पुरवा, कहारनपुरवा, बघौलीपुरवा, इटहुआ पूरब और तेलवारी गांव में भरने लगा है। जिससे यहां के लोग पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। नदी के पानी ने मेंथा, मक्का और धान की बेरन को भी अपनी चपेट में लिया है जिससे तराई के लोगों की रातों की नींद उड़ गई है।
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सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से स्पर निर्माण और कटान रोकने को लेकर चल रहा कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। पानी से भरने लेवर मशीनें आदि लेकर बांध पर पहुंच गए हैं। स्पर नंबर एक जो टेपरा गांव के समीप बनाया जा रहा था जिसका काम अंतिम चरण में चल रहा था। वहीं भैरवकोल गांव के पास बन रहे स्पर नंबर दो का आधा हिस्सा बाढ़ के पानी से डूब गया है।
अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी का पानी सोमवार को खतरे के निशान को पार कर गया है। नदी के पानी में डूबने से एक किशोर की मौत ओर सात गांवों के पानी से घिर जाने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम और तहसीलदार को पूरी जांच रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं।
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गनेशपुर प्रतिनिधि के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के मुताबिक नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 को पार कर 106.146 पर पहुंच गया है इस प्रकार से नदी का पानी खतरे के निशान से सात सेमी ऊपर पहुंच गया है। कंट्रोल रूम के अनुसार नदी का पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिससे कोरियन पुरवा तपेसिपाह के निकट कटान रोकने को लेकर जो कार्य चल रहा था वहीं पूरी तरह से ठप हो गया है।
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कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी सरायं सुरजन, टेपरा कुर्मिन पुरवा, कहारनपुरवा, बघौलीपुरवा, इटहुआ पूरब और तेलवारी गांव में भरने लगा है। जिससे यहां के लोग पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। नदी के पानी ने मेंथा, मक्का और धान की बेरन को भी अपनी चपेट में लिया है जिससे तराई के लोगों की रातों की नींद उड़ गई है।
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सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से स्पर निर्माण और कटान रोकने को लेकर चल रहा कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। पानी से भरने लेवर मशीनें आदि लेकर बांध पर पहुंच गए हैं। स्पर नंबर एक जो टेपरा गांव के समीप बनाया जा रहा था जिसका काम अंतिम चरण में चल रहा था। वहीं भैरवकोल गांव के पास बन रहे स्पर नंबर दो का आधा हिस्सा बाढ़ के पानी से डूब गया है।
अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी का पानी सोमवार को खतरे के निशान को पार कर गया है। नदी के पानी में डूबने से एक किशोर की मौत ओर सात गांवों के पानी से घिर जाने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम और तहसीलदार को पूरी जांच रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं।