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घाघरा का जलस्तर घटा लेकिन संकट बरकरार
Amarujala Bureau
Updated Mon, 16 Jul 2018 09:12 PM IST
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लोगों को परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी का पानी खतरे का निशान को पार कर भले ही घटने लगा हो लेकिन तराईवासियों में दहशत बरकरार है। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद किसी भी समय तराई के हालात बिगड़ सकते हैं। इसको देखते हुए तराई के वासी सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हुए है। रविवार को नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर एक दर्जन से ज्यादा गांवों के किनारे पहुंच गया था।
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घाघरा नदी का पानी रविवार को खतरे के निशान 106.076 को पार कर 106.096 तक पहुंच गया था जिससे तराई में हड़कंप मच गया था और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए थे। कंट्रोल रुम की माने तो देररात से नदी का पानी घटने लगा है। नदी का पानी सोमवार को खतरे के निशान 106.076 से घट कर 105.966 पर पहुंच गया है। रविवार को नदी का पानी गांव के किनारे पहुंचा देख इन गांवों के वासियों में हड़कंप मच गया था।
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तराई वासियों का कहना था कि बाढ़ तो हर साल आती है और हम लोगों का हर साल गांव छोड़कर बंधे पर जीवन बिताना पड़ता है। नदी का पानी भले ही घट रहा हो लेकिन हम लोगों में आने वाला संकट बरकरार है क्योंकि नदी कब पलटी मार जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। नेपाल किसी भी समय बनवसा बैराज पर पानी छोड़ सकता है जिससे हालात बिगड़ सकते हैं इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं प्रशासनिक अमला भी नदी के बढ़ते जलस्तर को देख कर सतर्क है।
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