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फिर बढ़ने लगा नदी का जलस्तर
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बाराबंकी। सरयू नदी का पानी एक बार फिर से बढ़ने लगा है। एक सेमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का पानी भले ही खतरे के निशान से अभी 26 सेमी. नीचे है लेकिन तराई के लोगों में हड़कंप मच गया है। लोग एक बार फिर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी करने लगे हैं।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से अभी 26 सेमी. नीचे है। इसके बाद भी तराई के भैरवकोल, सनावा, सरायं सुरजन, टेपरा, भयकपुरवा, कोठी डीहा, सिरौलीगुंग, कोरियनपुरवा, तपेसिपाह, दुर्गापुर, लहडरा, सुंदरनगर, हेतमापुर आदि गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। तराई के लोग अभी बंधे पर ही शरण लिए हुए हैं। उनका कहना है कि नदी की बाढ़ का कोई भरोसा नहीं है। अचानक जलस्तर बढ़ने से फिर मुसीबत हो सकती है, इसलिए लोग गांवों की तरफ जाने से डरे हैं।
उधर बंधे पर बसे लोग भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें पीने के लिए शुद्व पानी तक नहीं मिल पा रहा है। बिजली की लाइन सही न होने से लोगों को रात में अंधेरे में रहना पड़ता है। अपर जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद राजस्व कर्मियों की टीम बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखे हुए है। एडीएम संदीप गुप्ता का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिली है। हालात पर नजर रखने के साथ बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने के लिए राजस्व कर्मियों के साथ ही संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं।
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एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से अभी 26 सेमी. नीचे है। इसके बाद भी तराई के भैरवकोल, सनावा, सरायं सुरजन, टेपरा, भयकपुरवा, कोठी डीहा, सिरौलीगुंग, कोरियनपुरवा, तपेसिपाह, दुर्गापुर, लहडरा, सुंदरनगर, हेतमापुर आदि गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। तराई के लोग अभी बंधे पर ही शरण लिए हुए हैं। उनका कहना है कि नदी की बाढ़ का कोई भरोसा नहीं है। अचानक जलस्तर बढ़ने से फिर मुसीबत हो सकती है, इसलिए लोग गांवों की तरफ जाने से डरे हैं।
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उधर बंधे पर बसे लोग भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें पीने के लिए शुद्व पानी तक नहीं मिल पा रहा है। बिजली की लाइन सही न होने से लोगों को रात में अंधेरे में रहना पड़ता है। अपर जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद राजस्व कर्मियों की टीम बाढ़ पीड़ितों पर बराबर नजर रखे हुए है। एडीएम संदीप गुप्ता का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिली है। हालात पर नजर रखने के साथ बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने के लिए राजस्व कर्मियों के साथ ही संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं।
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