{"_id":"631b97c60a210c1b725b22ce","slug":"fire-fighting-system-barabanki-news-lko6475855158","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki: कभी भी लखनऊ का 'लेवाना' बन सकते हैं डेढ़ दर्जन गेस्ट हाउस, नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki: कभी भी लखनऊ का 'लेवाना' बन सकते हैं डेढ़ दर्जन गेस्ट हाउस, नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
Sat, 10 Sep 2022 05:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 05:33 PM IST
सार
अग्निशमन विभाग की पड़ताल में 41 भवनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले हैं। कार्रवाई के लिए उप जिला अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा।
विज्ञापन
शहर के एक लॉज में आग से बचाव के इंतजाम परखने पहुंचे अग्निशमन अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
डेढ़ दर्जन गेस्ट हाउस और लॉज मानकों को ताख पर रखकर चल रहे हैं। नक्शा और पंजीकरण तो दूर कई गेस्ट हाउस और लॉज ऐसे हैं जो कभी भी लखनऊ का ‘लेवाना’ बन सकते हैं। बीते दो दिनों में अग्निशमन विभाग की पड़ताल में कुछ ऐसी ही हकीकत सामने आई है। अब कार्रवाई के लिए एसडीएम को पत्र लिखा जाएगा। कुल मिलाकर 41 भवनों में कमियां मिली हैं। पोल खुलने से हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
शहर व उसके आसपास 50 से अधिक होटल लॉज व गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय के बाद सबसे ज्यादा लॉज देवा में हैं। लखनऊ में अग्निकांड के बाद होटल और लॉज से संबंधित नियम कानून अधिकारियों को एक बार फिर याद आए हैं। एक तरफ प्रशासन जहां मानचित्र आदि की जांच कर रहा है वहीं अग्निशमन विभाग सुरक्षा के उपाय व मानकों को लेकर पिछले दो दिन से अभियान चला रहा है।
विज्ञापन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राज प्रकाश राय के अनुसार, बीते दो दिनों में अग्निशमन अधिकारी पीसी गौतम की टीम द्वारा करीब दो दर्जन होटल, लॉज और गेस्ट हाउस की चेकिंग की गई। उन्होंने बताया कि अधिकतर में अग्नि सुरक्षा के मानक पर्याप्त नहीं थे। करीब डेढ़ दर्जन लॉज व गेस्ट हाउस के संचालकों को नोटिस दिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि करीब 41 भवनों में अग्नि सुरक्षा के मानक नहीं पाए गए हैं। मानक पूरा न होने का मतलब आग लगने के दौरान पानी की उपलब्धता, फायर ब्रिगेड की पहुंच, अग्निशमन यंत्र आदि से है। इसके लिए कार्रवाई प्रचलित है। बताया कि इन पर कार्रवाई एसडीएम स्तर से होनी है। पूरी रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जाएगी।
छह विभागों की है जिम्मेदारी, सभी संवेदनहीन
होटल, गेस्ट हाउस व लॉज के संचालन के लिए छह विभागों से कार्रवाई पूरी करानी पड़ती है। विनियमित क्षेत्र द्वारा जहां मानचित्र पास किया जाता है वहीं अग्निशमन विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा को लेकर अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया जाता है। पर्यटन विभाग द्वारा सुविधाओं को लेकर एनओसी प्रदान की जाती है। प्रशासन के पास बाकायदा पंजीकरण कराया जाता है। यदि खानपान की व्यवस्था है तो एफएसडीए भी इसमें शामिल होता है। लेकिन हकीकत यह है कि किसी लॉज का पंजीकरण नहीं है तो किसी का नक्शा पास नहीं है। सहायक पर्यटन अधिकारी ज्योति का कहना है कि विभाग आवश्यकता पड़ने पर जांच भी करता है।