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Barabanki News: युवा वैज्ञानिक की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर

Sat, 18 Jul 2026 01:16 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:16 AM IST
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FIR registered for abetment to suicide in the case of the young scientist's death
लखनऊ। युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की मौत के मामले में चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है। राहुल के भाई रोहित की शिकायत पर विभूतिखंड थाने की पुलिस ने नोएडा में रहने वाले बस्ती के कारोबारी चंद्रभूषण मिश्र, उनके बेटे तपिश, उदित और बेटी तारिणी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर उपेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि विवेचना चल रही है।
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मूलरूप से महाराजगंज के असमन छपरा, सिसवां बाजार निवासी रोहित का आरोप है कि राहुल ने कई सक्षम अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी। इसमें बताया था कि चंद्रभूषण उस पर दबाव बना रहे हैं। आरोपी ने राहुल के साथ विश्वासघात किया था। लगातार धमकी भी दी जा रही थी। राहुल ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी।
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राहुल ने अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही थी। खास बात है कि राहुल ने 12 जून को एडीजी गोरखपुर से शिकायत की, जिसके अगले दिन बस्ती के नगर थाने में चंद्रभूषण की तहरीर पर युवा वैज्ञानिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसके बाद से राहुल और मानसिक तनाव में आ गए। आरोप है कि चंद्रभूषण की प्रताड़ना से तंग आकर राहुल ने जान दे दी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट और विसरा सुरक्षित रखा गया है। विसरा जांच के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
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पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगें

- राहुल की ओर से पूर्व में की गई शिकायत, कॉल रिकॉर्ड, वाट्सएप चैट, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज विवेचना में शामिल किए जाएं।

- सभी आरोपियों से पूछताछ कर उनकी भूमिका की जांच की जाए।

- नोवोटेल होटल के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश और निकास के रिकॉर्ड, होटल स्टाफ के बयान, मोबाइल फोन, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित किया जाए।


- फोरेंसिक जांच विशेषज्ञों से कराई जाए।

- जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो।

- परिवार को सुरक्षा दी जाए।

- जरूरत पड़ने पर जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।


विवाद लेनदेन का, पर आरोप भिन्न
पूरे मामले में लेनदेन का विवाद सामने आया है, लेकिन दोनों पक्षों के आरोप भिन्न हैं। राहुल ने एडीजी गोरखपुर से की शिकायत में कहा था कि एक बड़े अधिकारी के जरिये उसका परिचय बस्ती के तिनपेड़िया निवासी चंद्रभूषण मिश्र से हुआ था। आरोप है कि चंद्रभूषण ने राहुल के ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 85 लाख रुपये देने की बात कही, लेकिन 62 लाख रुपये ही दिए और प्रोजेक्ट की जानकारी ले ली। राहुल बाकी रकम मांग रहे थे। उधर, चंद्रभूषण का आरोप है कि राहुल ने एक प्रोजेक्ट में मदद के लिए 62 लाख रुपये लिए थे, जो वह वापस नहीं कर रहा था।
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