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Barabanki News: बुखार व डेंगू का सितम, चार और की मौत
Thu, 12 Oct 2023 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 12 Oct 2023 01:07 AM IST
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बाराबंकी में फतेहपुर तहसील क्षेत्र के चिरैया गांव निवासी बच्ची की बुखार से हुई मौत के बाद गांव
बाराबंकी। बुखार और डेंगू का कहर जारी है। मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिले में बुधवार को भी बुखार और डेंगू से ग्रसित चार मरीजों ने दम तोड़ दिया। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई है। उधर, स्वास्थ्य महकमा बुखार और डेंगू को मौत का कारण ही नहीं मान रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि ज्यादातर मौतें किसी न किसी अन्य बीमारी से हो रही हैं। जबकि लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।
मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के चिरैया गांव निवासी राजू की पुत्री प्रियांशी (6) ने बुखार के चलते मंगलवार देर रात निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार प्रियांशी बीते तीन दिनों से बुखार के कारण लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। इससे पहले उसका इलाज फतेहपुर के निजी अस्पताल में हो रहा था। लेकिन हालत में सुधार न हाेने पर उसे लखनऊ ले जाया गया था। बीती मंगलवार रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
उधर, कोटवाधाम निवासी अनिल गुप्ता (47) ने भी बुखार के कारण जान गवां दी। परिजनों के मुताबिक बीते 10 दिनों से उन्हें बुखार था। स्थानीय पीएचसी और सीएचसी से लेकर लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल तक उनका इलाज कराया गया। लेकिन जांच में प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रही थीं। इसके चलते बुधवार सुबह घर में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, रामनगर के साधारणपुर गांव निवासी अनिल कुमार चतुर्वेदी (30) की मौत का कारण परिजन डेंगू बता रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बीते दिनों अनिल काम से नेपाल गए थे। वहीं पर उनको डेंगू हो गया था। तबीयत खराब होेने पर सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन तेजी से प्लेटलेट्स कम होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को सिद्धार्थनगर के ही एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा पास के गांव बरियारपुर के सुरेश चंद्र मिश्रा (50) ने भी डेंगू के कारण दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार बीते कई दिनों से उनकी प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रही थी। हालांकि, कुछ लोग उनकी मौत का कारण डायबिटीज को भी मान रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौत की जांच करने पहुंची है। इस दौरान विभाग का मानना है कि प्रियांशी की मौत थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और पल्मोनरी हैमरेज के कारण हुई है। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया में तेजी से प्लेटलेट्स की कमी होती हैं। अनिल की मौत किस वजह से हुई है, इसकी जांच की जा रही है।
बुखार के 106 और डेंगू के सात मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिले में बुखार के 106 और डेंगू के सात नए मरीज मिले हैं। विभाग की टीम को जांच के दौरान फतेहपुर, सूरतगंज, निंदूरा, सिरौलीगौसपुर, दरियाबाद, सतरिख, रामनगर व जाटाबरौली में बुखार से पीड़ित मिले हैं। सभी को दवाएं दी गई हैं। इसके अलावा शहर में पांच और जाटाबरौली में दो डेंगू पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसी के साथ अब जिले में डेंगू के कुल 12 एक्टिव मामले हैं।
टीमें कर रहीं स्वास्थ्य परीक्षण
बुखार और डेंगू को लेकर विभाग की ओर से अभियान के तहत लगातार काम किया जा रहा है। गांव-गांव जाकर टीमें लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। मौतों की जांच की जाएगी।
- डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के चिरैया गांव निवासी राजू की पुत्री प्रियांशी (6) ने बुखार के चलते मंगलवार देर रात निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार प्रियांशी बीते तीन दिनों से बुखार के कारण लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। इससे पहले उसका इलाज फतेहपुर के निजी अस्पताल में हो रहा था। लेकिन हालत में सुधार न हाेने पर उसे लखनऊ ले जाया गया था। बीती मंगलवार रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
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उधर, कोटवाधाम निवासी अनिल गुप्ता (47) ने भी बुखार के कारण जान गवां दी। परिजनों के मुताबिक बीते 10 दिनों से उन्हें बुखार था। स्थानीय पीएचसी और सीएचसी से लेकर लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल तक उनका इलाज कराया गया। लेकिन जांच में प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रही थीं। इसके चलते बुधवार सुबह घर में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, रामनगर के साधारणपुर गांव निवासी अनिल कुमार चतुर्वेदी (30) की मौत का कारण परिजन डेंगू बता रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बीते दिनों अनिल काम से नेपाल गए थे। वहीं पर उनको डेंगू हो गया था। तबीयत खराब होेने पर सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन तेजी से प्लेटलेट्स कम होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को सिद्धार्थनगर के ही एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा पास के गांव बरियारपुर के सुरेश चंद्र मिश्रा (50) ने भी डेंगू के कारण दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार बीते कई दिनों से उनकी प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रही थी। हालांकि, कुछ लोग उनकी मौत का कारण डायबिटीज को भी मान रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौत की जांच करने पहुंची है। इस दौरान विभाग का मानना है कि प्रियांशी की मौत थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और पल्मोनरी हैमरेज के कारण हुई है। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया में तेजी से प्लेटलेट्स की कमी होती हैं। अनिल की मौत किस वजह से हुई है, इसकी जांच की जा रही है।
बुखार के 106 और डेंगू के सात मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार जिले में बुखार के 106 और डेंगू के सात नए मरीज मिले हैं। विभाग की टीम को जांच के दौरान फतेहपुर, सूरतगंज, निंदूरा, सिरौलीगौसपुर, दरियाबाद, सतरिख, रामनगर व जाटाबरौली में बुखार से पीड़ित मिले हैं। सभी को दवाएं दी गई हैं। इसके अलावा शहर में पांच और जाटाबरौली में दो डेंगू पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसी के साथ अब जिले में डेंगू के कुल 12 एक्टिव मामले हैं।
टीमें कर रहीं स्वास्थ्य परीक्षण
बुखार और डेंगू को लेकर विभाग की ओर से अभियान के तहत लगातार काम किया जा रहा है। गांव-गांव जाकर टीमें लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। मौतों की जांच की जाएगी।
- डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ