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खाद की किल्लत: बोआई पर संकट, किसान परेशान
Sun, 09 Nov 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:35 AM IST
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देवा। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र को पोटैटो बेल्ट (आलू उत्पादक क्षेत्र) के रूप में जाना जाता है। फिर भी क्षेत्र की सात साधन सहकारी समितियों पर डीएपी और एनपीके खाद नहीं है। किसान परेशान हैं और उन्हें निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम पर खाद खरीदने की विवशता है।
ब्लॉक क्षेत्र में मामापुर, कुसुंबा, सिधवाही, कैथी सरैया, खेवली, हर्रई और सैहारा सहकारी समितियां संचालित हैं। जबकि फतेहपुर खती बहार की समिति करीब एक माह पूर्व सील कर दी गई थी। वर्तमान समय में किसानों को डीएपी और एनपीके खाद की सख्त जरूरत है। किसानों की मांग के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है, जिसका फायदा उठाकर निजी दुकानदार निर्धारित दर से दो-तीन सौ रुपये प्रति बोरी अधिक मूल्य पर खाद बेच रहे हैं।
नरेनी निवासी किसान देशराज ने बताया कि समिति पर खाद न मिलने से उन्होंने 1,850 रुपये की एक बोरी डीएपी जसनवारा गांव के निकट एक दुकान से खरीदी। वहीं, भयारा मोड़ के निकट एक दुकान से उन्होंने यूरिया खाद भी 300 रुपये प्रति बोरी की दर से खरीदी। किसान शिवकुमार ने बताया कि समितियों पर पर्याप्त खाद न होने के कारण उन्हें बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदना मजबूरी है।
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एडीओ कोऑपरेटिव विजय कुमार सिंह ने बताया कि देवा ब्लॉक की समितियों पर एनपीके खाद (12,32,14) उपलब्ध नहीं है। समितियों पर भेजी जाने वाली खाद तुरंत बिक जाती है। उन्होंने कहा कि खाद की डिमांड लगाई गई है और जल्द ही समितियों पर डीएपी व एनपीके पहुंच जाएगी।
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ब्लॉक क्षेत्र में मामापुर, कुसुंबा, सिधवाही, कैथी सरैया, खेवली, हर्रई और सैहारा सहकारी समितियां संचालित हैं। जबकि फतेहपुर खती बहार की समिति करीब एक माह पूर्व सील कर दी गई थी। वर्तमान समय में किसानों को डीएपी और एनपीके खाद की सख्त जरूरत है। किसानों की मांग के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है, जिसका फायदा उठाकर निजी दुकानदार निर्धारित दर से दो-तीन सौ रुपये प्रति बोरी अधिक मूल्य पर खाद बेच रहे हैं।
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नरेनी निवासी किसान देशराज ने बताया कि समिति पर खाद न मिलने से उन्होंने 1,850 रुपये की एक बोरी डीएपी जसनवारा गांव के निकट एक दुकान से खरीदी। वहीं, भयारा मोड़ के निकट एक दुकान से उन्होंने यूरिया खाद भी 300 रुपये प्रति बोरी की दर से खरीदी। किसान शिवकुमार ने बताया कि समितियों पर पर्याप्त खाद न होने के कारण उन्हें बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदना मजबूरी है।
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एडीओ कोऑपरेटिव विजय कुमार सिंह ने बताया कि देवा ब्लॉक की समितियों पर एनपीके खाद (12,32,14) उपलब्ध नहीं है। समितियों पर भेजी जाने वाली खाद तुरंत बिक जाती है। उन्होंने कहा कि खाद की डिमांड लगाई गई है और जल्द ही समितियों पर डीएपी व एनपीके पहुंच जाएगी।