{"_id":"698cab1b3c1d26168c02d429","slug":"father-and-uncle-sentenced-to-life-imprisonment-along-with-murder-accused-who-escaped-from-court-barabanki-news-c-315-1-brp1006-158680-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: अदालत से भागे हत्याभियुक्त के साथ पिता व चाचा को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: अदालत से भागे हत्याभियुक्त के साथ पिता व चाचा को उम्रकैद
Wed, 11 Feb 2026 09:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 11 Feb 2026 09:45 PM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने के बाद अदालत से फरार हुए अभियुक्त सूरज कुमार व उसके पिता और चाचा को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने सूरज सहित तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 78-78 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला सुबेहा थाना क्षेत्र के अहिरन सरैया मजरे रोहना मीरापुर गांव का है। दो अगस्त 2016 को बरसाती नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के परिवार के ही मुटरू, भाई गुद्दर, पुत्र सूरज कुमार व सुरजीत के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। विचारण के दौरान सुरजीत की मौत हो गई। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर हाल ही में आठ फरवरी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। इस दौरान सूरज अदालत परिसर से फरार हो गया था। हालांकि, पुलिस ने दूसरे दिन उसे रिश्तेदारी से गिरफ्तार कर लिया। अदालत से फरारी की घटना को न्यायिक कार्य में बाधा मानते हुए शहर कोतवाली में अलग से प्राथमिकी भी दर्ज की गई। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सूरज, इनके पिता मुटरू व चाचा गुद्दर को अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुना दी।
विज्ञापन
मामला सुबेहा थाना क्षेत्र के अहिरन सरैया मजरे रोहना मीरापुर गांव का है। दो अगस्त 2016 को बरसाती नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के परिवार के ही मुटरू, भाई गुद्दर, पुत्र सूरज कुमार व सुरजीत के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। विचारण के दौरान सुरजीत की मौत हो गई। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर हाल ही में आठ फरवरी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। इस दौरान सूरज अदालत परिसर से फरार हो गया था। हालांकि, पुलिस ने दूसरे दिन उसे रिश्तेदारी से गिरफ्तार कर लिया। अदालत से फरारी की घटना को न्यायिक कार्य में बाधा मानते हुए शहर कोतवाली में अलग से प्राथमिकी भी दर्ज की गई। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सूरज, इनके पिता मुटरू व चाचा गुद्दर को अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुना दी।
विज्ञापन