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Barabanki News: खाद के लिए आपस में भिड़े किसान, बुलानी पड़ी पुलिस

Wed, 05 Nov 2025 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 05 Nov 2025 01:32 AM IST
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Farmers clashed over fertilizer, police had to be called
बाराबंकी। यूरिया के बाद अब डीएपी और एनपीके के लिए भी मारामारी मची है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। किसान खाद के लिए समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं पर ताला लटक रहा है तो कहीं पर रोस्टर न होने की बात कहकर उन्हें लौटाया जा रहा है। मंगलवार को साधन सहकारी समिति बलाखेरा पर पहले खाद लेने के लिए दो किसान आपस में भिड़ गए। जिससे यहां पुलिस बुलानी पड़ी, तब खाद का वितरण हो पाया।
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त्रिवेदीगंज के बधंवाखेडा व अचकापुर के किसान में खाद पहले लेने को लेकर विवाद हो गया। सचिव ने दरवाजा बंद कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने विवाद शांत कराया। सचिव सुशील कुमार वर्मा ने बताया है कि 500 बोरी डीएपी आई थी, जिसका वितरण किया जा रहा है।
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पोखरा में मवइया मंझगवां समिति पर सदस्य किसानों को एक-एक बोरी डीएपी मिलने पर किसानों ने हंगामा किया। सदस्य नही बने किसानों को खाद नहीं दी गई। सुबेहा समिति पर डीएपी नही मिलने पर एनपीके का वितरण किया गया। जबकि पेचरुआ समिति के सचिव सत्यम पाठक ने किसानों को बताया कि सदस्य बनने पर ही खाद मिलेगी। साधन सहकारी समिति बरौलिया में खाद के लिए किसान सुबह से ही लाइन में लगे नजर आए। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था।
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वहीं, साधन सहकारी समिति कमरपुर सरैया में 150 किसानों को खाद का वितरण किया जा चुका था। जबकि मथुरानगर समिति पर खाद मौजूद नहीं थी। सचिव ने बताया कि सोमवार को 500 बोरी खाद मिली थी जिसका वितरण कर दिया गया। जबकि यहां के किसान खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। हरख में समिति पर ताला लगा हुआ था। खाद न होने की बात कह किसानों को लौटा दिया गया। वहीं, उस्मानपुर साधन सहकारी समिति पर घंटों लाइन में लगने के बाद किसानों को खाद मिल पाई।

चहेतों को खाद देने का आरोप
किसान रामबरन, मोल्हेराम, गंगाप्रसाद व रामेश्वर का आरोप है कि समितियों पर खाद आती है तो सचिव वितरण में मनमानी करते हैं। सुबह या फिर रात में मौका देख समिति का ताला खोल चहेतों को खाद दे देते हैं। यहीं वजह है कि किसानों को खाद नहीं मिल रही है और वह खाद के लिए चक्कर काटने को मजबूर हैं।



जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। रोस्टरवार साधन सहकारी समितियों पर खाद भेज कर उसका वितरण भी कराया जा रहा है। किसान धैर्य रखें, जिले में खाद की कमी नहीं है।
राजितराम, जिला कृषि अधिकारी
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