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खड़े होकर बच्चों ने दी परीक्षा, हावी रहीं अव्यवस्थाएं
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बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों में हो रहीं वार्षिक परीक्षाओं में भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं। कहीं डेस्क ऊंची होने के कारण बच्चों को खड़े होकर परीक्षा देनी पड़ रही है तो कहीं बच्चे आसपास बैठकर एक-दूसरे की कॉपियां देखकर लिखते नजर आए। इतना ही नहीं कॉपियों का पैसा नहीं आने से शिक्षकों को अपने स्तर से इंतजाम करना पड़ रहा है। बुधवार को परीक्षा के दूसरे दिन भी करीब 20 प्रतिशत बच्चे परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
बेसिक शिक्षा विभाग के 2636 परिषदीय विद्यालयों में 22 मार्च से शुरू हुई है जो 28 मार्च तक चलेगी। इन विद्यालयों में करीब चार लाख 10 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को परीक्षा का दूसरा दिन था। इसमें सुबह साढ़े नौ से साढ़े 11 बजे तक पहली पाली में कक्षा दो व तीन के बच्चों की गणित, कक्षा चार से छह तक हिन्दी, कक्षा 7 व 8 के बच्चों की विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। जबकि साढ़े 12 से ढाई बजे तक कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की संस्कृत व उर्दू विषय की परीक्षा हुई।
दरियाबाद के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में परीक्षा की शुचिता तार-तार दिखी। इस विद्यालय के 91 में से 68 बच्चे परीक्षा देने पहुंचे थे। यहां दो शिक्षिकाओं में एक अवकाश पर थीं। जबकि बच्चे बिल्कुल सटकर बैठे हुए थे और एक दूसरे की कॉपियां देखकर लिख रहे थे। परीक्षा जैसी कोई चीज ही दिख नहीं रही थी। अव्यवस्था के इस माहौल में प्रधानाध्यापक मोबाइल में व्यस्त मिलीं।
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इसी तरह से सिरौलीगौसपुर के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर ददरौली में डेस्कों की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण बच्चों को खड़े होकर परीक्षा देनी पड़ी। यही हाल अन्य कई विद्यालयों में भी देखने को मिला। कई विद्यालयों में शिक्षकों ने बताया कि अभी कॉपियों का पैसा नहीं आया है। वे अपने स्तर से कॉपियां खरीदकर परीक्षा दिला रहे हैं। पैसा बाद में मिलने की बात कही गई है। जिला समन्वयक प्रशिक्षण विनीता मिश्रा ने बताया कि करीब 20 प्रतिशत बच्चे परीक्षा से गैरहाजिर हैं। इन बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क किया जा रहा है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के 2636 परिषदीय विद्यालयों में 22 मार्च से शुरू हुई है जो 28 मार्च तक चलेगी। इन विद्यालयों में करीब चार लाख 10 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को परीक्षा का दूसरा दिन था। इसमें सुबह साढ़े नौ से साढ़े 11 बजे तक पहली पाली में कक्षा दो व तीन के बच्चों की गणित, कक्षा चार से छह तक हिन्दी, कक्षा 7 व 8 के बच्चों की विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। जबकि साढ़े 12 से ढाई बजे तक कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की संस्कृत व उर्दू विषय की परीक्षा हुई।
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दरियाबाद के प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में परीक्षा की शुचिता तार-तार दिखी। इस विद्यालय के 91 में से 68 बच्चे परीक्षा देने पहुंचे थे। यहां दो शिक्षिकाओं में एक अवकाश पर थीं। जबकि बच्चे बिल्कुल सटकर बैठे हुए थे और एक दूसरे की कॉपियां देखकर लिख रहे थे। परीक्षा जैसी कोई चीज ही दिख नहीं रही थी। अव्यवस्था के इस माहौल में प्रधानाध्यापक मोबाइल में व्यस्त मिलीं।
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इसी तरह से सिरौलीगौसपुर के प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर ददरौली में डेस्कों की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण बच्चों को खड़े होकर परीक्षा देनी पड़ी। यही हाल अन्य कई विद्यालयों में भी देखने को मिला। कई विद्यालयों में शिक्षकों ने बताया कि अभी कॉपियों का पैसा नहीं आया है। वे अपने स्तर से कॉपियां खरीदकर परीक्षा दिला रहे हैं। पैसा बाद में मिलने की बात कही गई है। जिला समन्वयक प्रशिक्षण विनीता मिश्रा ने बताया कि करीब 20 प्रतिशत बच्चे परीक्षा से गैरहाजिर हैं। इन बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क किया जा रहा है।