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अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2015 11:14 PM IST
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घाघरा नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। सोमवार से नदी का पानी स्थिर है। वहीं प्रशासन नदी के रुख पर बराबर नजर रखे हुए है।
तराईवासी नदी के पानी को लेकर पूरी तरह से सतर्क हैं। घाघरा नदी का पानी मंगलवार को खतरे के निशान 106.076 से ऊपर 106.346 पर बह रहा है। नदी का जलस्तर न घट रहा है और न ही बढ़ रहा है बल्कि स्थिर हो गया है।
प्रशासन नदी के रूख पर नजर रखे हुए है। तराई के लोगों का कहना है कि यदि नदी का पानी घटता है तो कटान का खतरा बढे़गा और यदि बढ़ता है तो गांव प्रभावित होंगे। इसको लेकर यहां के लोग पूरी तरह से सतर्क हैं।
लोगों का कहना है कि नदी का पानी हर साल तबाही मचाता है और किसानों की हजारों बीघे फसल पानी की चपेट में आकर बर्बाद हो जाती है।
इस बार कुछ गनीमत है कि नदी का पानी अभी गांवों तक नहीं पहुंचा है। लेकिन इस बार जिस तरह से नदी का पानी बढ़ रहा था यदि इसी तरह से बढ़ता रहता तो निश्चित था कि कई गांव प्रभावित हो सकते थे।
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तहसील प्रशासन भी नदी के रुख को लेकर गंभीर है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
इस बाबत अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया का कहना है कि नदी का पानी खतरे के निशान से भले ही ऊपर बह रहा हो, लेकिन ठहर गया है। नदी के रूख पर बराबर नजर रखने के निर्देश बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को दिए गए हैं।
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तराईवासी नदी के पानी को लेकर पूरी तरह से सतर्क हैं। घाघरा नदी का पानी मंगलवार को खतरे के निशान 106.076 से ऊपर 106.346 पर बह रहा है। नदी का जलस्तर न घट रहा है और न ही बढ़ रहा है बल्कि स्थिर हो गया है।
प्रशासन नदी के रूख पर नजर रखे हुए है। तराई के लोगों का कहना है कि यदि नदी का पानी घटता है तो कटान का खतरा बढे़गा और यदि बढ़ता है तो गांव प्रभावित होंगे। इसको लेकर यहां के लोग पूरी तरह से सतर्क हैं।
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लोगों का कहना है कि नदी का पानी हर साल तबाही मचाता है और किसानों की हजारों बीघे फसल पानी की चपेट में आकर बर्बाद हो जाती है।
इस बार कुछ गनीमत है कि नदी का पानी अभी गांवों तक नहीं पहुंचा है। लेकिन इस बार जिस तरह से नदी का पानी बढ़ रहा था यदि इसी तरह से बढ़ता रहता तो निश्चित था कि कई गांव प्रभावित हो सकते थे।
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तहसील प्रशासन भी नदी के रुख को लेकर गंभीर है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
इस बाबत अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया का कहना है कि नदी का पानी खतरे के निशान से भले ही ऊपर बह रहा हो, लेकिन ठहर गया है। नदी के रूख पर बराबर नजर रखने के निर्देश बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को दिए गए हैं।