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Barabanki News: गरीबों को राहत पहुंचा रहे मिट्टी के घड़े व बोतले
Sat, 14 Jun 2025 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 14 Jun 2025 01:08 AM IST
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रामनगर (बाराबंकी) भीषण गर्मी में ठंडे पाने के लिए मिट्टी से बने घड़े व बोतल गरीबों के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही गरीबों के घरों में ठंडे पाने के लिए फ्रिज का विकल्प बने इन मिट्टी के घड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। खास तौर पर राजा बाजार में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बनाए गए घड़ों के साथ सुराही व मिट्टी की बोतल खरीदारों को खूब लुभा रही है।
रामनगर कस्बे के रामनगर महादेवा मार्ग पर पुराने राजा की बाजार में मिट्टी के बने बर्तनों की दुकानें सजती हैं। यहां गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले घड़े और सुराही की बिक्री शुरू हो गई थी। लेकिन इस बार बिना तपाए बीते नौतपा के कारण घड़ों व सुराही इत्यादि की कुछ खास बिक्री न होने से कुम्हारों के चेहरे पर उदासी थी। नौतपा के बाद अचानक तीखे हुए गर्मी के तेवरों ने फिर से मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग बढ़ा दी है।
सूरतगंज के घड़ा बनाने वाले शमीम ने बताया इस बार सात लीटर का साधारण मिट्टी का घड़ा 100 में रुपये में, वहीं टोंटी व स्टैंड लगा घड़ा 200 से 250 रुपये में बिक रहा है। इसी के साथ 25 लीटर का घड़ा 300 से 400 रुपये तक बेचा जा रहा है। मिट्टी की बनी सुराही भी 100 रुपये से लेकर 350 रुपये तक बिक रही है।
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दुकानदार खैरुलनिशां ने बताया कि इस बार पक्की मिट्टी की कलाकृति वाली डेढ़ से दो रुपये वाली बोतल ग्राहकों को खास तौर पर लुभा रही है। इस सीजन में अब तक एक हजार पानी की बोतलें बोतलें बिक चुकी है, अभी भी ग्राहक बोतलें खरीदने आ रहे हैं। साथ ही रंग-बिरंगी डिजाइन युक्त मिट्टी के गिलास व कुल्हड़ भी खूबर बिक रहे हैं। चाय व लस्सी बेचने वाले इन्हें ज्यादा खरीद रहे हैं।
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रामनगर कस्बे के रामनगर महादेवा मार्ग पर पुराने राजा की बाजार में मिट्टी के बने बर्तनों की दुकानें सजती हैं। यहां गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले घड़े और सुराही की बिक्री शुरू हो गई थी। लेकिन इस बार बिना तपाए बीते नौतपा के कारण घड़ों व सुराही इत्यादि की कुछ खास बिक्री न होने से कुम्हारों के चेहरे पर उदासी थी। नौतपा के बाद अचानक तीखे हुए गर्मी के तेवरों ने फिर से मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग बढ़ा दी है।
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सूरतगंज के घड़ा बनाने वाले शमीम ने बताया इस बार सात लीटर का साधारण मिट्टी का घड़ा 100 में रुपये में, वहीं टोंटी व स्टैंड लगा घड़ा 200 से 250 रुपये में बिक रहा है। इसी के साथ 25 लीटर का घड़ा 300 से 400 रुपये तक बेचा जा रहा है। मिट्टी की बनी सुराही भी 100 रुपये से लेकर 350 रुपये तक बिक रही है।
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दुकानदार खैरुलनिशां ने बताया कि इस बार पक्की मिट्टी की कलाकृति वाली डेढ़ से दो रुपये वाली बोतल ग्राहकों को खास तौर पर लुभा रही है। इस सीजन में अब तक एक हजार पानी की बोतलें बोतलें बिक चुकी है, अभी भी ग्राहक बोतलें खरीदने आ रहे हैं। साथ ही रंग-बिरंगी डिजाइन युक्त मिट्टी के गिलास व कुल्हड़ भी खूबर बिक रहे हैं। चाय व लस्सी बेचने वाले इन्हें ज्यादा खरीद रहे हैं।