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नशे में धुत डॉक्टर को जड़ा तमाचा, बवाल
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2015 09:18 PM IST
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शराब के नशे में धुत एक छुटभैया नेता ने गाली-गलौज के विरोध कर रहे एक चिकित्सक से अभद्रता की और उसे तमाचा जड़ दिया। मंगलवार देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए इस घटना से बवाल खड़ा हो गया। डॉक्टर से अभद्रता से नाराज कर्मचारियों ने आरोपी को दबोच लिया और जमकर धुनाई कर दी। बवाल बढ़ने पर छुटभैया नेता के सैकड़ों समर्थक आ गए और सीएचसी अखाड़ा बन गया।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बवाल मचा रहे लोगों को शांत करने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उनसे अभद्रता की। इससे नाराज पुलिस ने लाठी भांज कर बवालियों को खदेड़ा। पुलिस मुख्य आरोपी को पकड़ कर थाने ले आयी। बाद में, पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
देवा कोतवाली क्षेत्र के सीएचसी इस्माइलपुर गांव का निवासी आशाराम यादव बीती मंगलवार देर रात करीब 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा पहुंचा। पुलिस की मानें तो वह शराब के नशे में था। वहां पर वह बिना किसी बात के रात्रि ड्यूटी के चिकित्सक डॉ. प्रमोद सिंह व अन्य स्टाफ को गालियां देने लगा। जब चिकित्सक व स्टाफ ने इसका विरोध किया तो वह मारपीट उतारू हो गया।
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इस बीच आशाराम ने डॉक्टर प्रमोद को एक तमाचा जड़ दिया। डॉक्टर को तमाचा पड़ने के बाद सीएचसी के अन्य कर्मचारियों ने आशाराम को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस बीच सीएचसी कर्मियों की पकड़ से छूटने के बाद आशाराम ने काफी देर अस्पताल परिसर में हंगामा करने के बाद उसने अपने गांव से करीब दो दर्जन से साथियों को बुलाकर सीएचसी में हंगामा करने लगा जिससे भयभीत चिकित्सक डॉक्टर प्रमोद ने फोन पर इसकी सूचना थानाध्यक्ष मनोज पंत को दी।
आनन-फानन में थानाध्यक्ष मनोज कुमार पंत मय फोर्स के साथ सीएचसी पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने के बाद भी जब ग्रामीण नहीं शांत हुए तो पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर सबको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। थाने में दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। बाद में, सत्ता पक्ष के कुछ क्षेत्रीय नेताओं के दबाव में चिकित्सक ने लिखकर दे दिया कि उसे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहिए।
सीएचसी देवा के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर महमूद ने बताया कि एक शराबी ने मंगलवार देर रात अस्पताल में घुसकर डॉक्टर से अभद्रता की थी। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ। बाद में, दोनों पक्षों ने समझौता में हो गया।
कोतवाली प्रभारी देवा मनोज पंत ने बताया कि सीएचसी पर हुए हंगामे के मामले में दोनों पक्षों की डॉक्टरी परीक्षण कराया गया था। मारपीट दोनों पक्ष ने की थी जिस पर दोनों की तहरीर पर एनसीआर दर्ज किया गया है। बाद में दोनों पक्षों के लोगों ने आपसी सुलह करने के लिए लिखकर दिया है।
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सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बवाल मचा रहे लोगों को शांत करने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उनसे अभद्रता की। इससे नाराज पुलिस ने लाठी भांज कर बवालियों को खदेड़ा। पुलिस मुख्य आरोपी को पकड़ कर थाने ले आयी। बाद में, पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
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देवा कोतवाली क्षेत्र के सीएचसी इस्माइलपुर गांव का निवासी आशाराम यादव बीती मंगलवार देर रात करीब 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा पहुंचा। पुलिस की मानें तो वह शराब के नशे में था। वहां पर वह बिना किसी बात के रात्रि ड्यूटी के चिकित्सक डॉ. प्रमोद सिंह व अन्य स्टाफ को गालियां देने लगा। जब चिकित्सक व स्टाफ ने इसका विरोध किया तो वह मारपीट उतारू हो गया।
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इस बीच आशाराम ने डॉक्टर प्रमोद को एक तमाचा जड़ दिया। डॉक्टर को तमाचा पड़ने के बाद सीएचसी के अन्य कर्मचारियों ने आशाराम को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस बीच सीएचसी कर्मियों की पकड़ से छूटने के बाद आशाराम ने काफी देर अस्पताल परिसर में हंगामा करने के बाद उसने अपने गांव से करीब दो दर्जन से साथियों को बुलाकर सीएचसी में हंगामा करने लगा जिससे भयभीत चिकित्सक डॉक्टर प्रमोद ने फोन पर इसकी सूचना थानाध्यक्ष मनोज पंत को दी।
आनन-फानन में थानाध्यक्ष मनोज कुमार पंत मय फोर्स के साथ सीएचसी पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने के बाद भी जब ग्रामीण नहीं शांत हुए तो पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर सबको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। थाने में दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। बाद में, सत्ता पक्ष के कुछ क्षेत्रीय नेताओं के दबाव में चिकित्सक ने लिखकर दे दिया कि उसे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहिए।
सीएचसी देवा के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर महमूद ने बताया कि एक शराबी ने मंगलवार देर रात अस्पताल में घुसकर डॉक्टर से अभद्रता की थी। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ। बाद में, दोनों पक्षों ने समझौता में हो गया।
कोतवाली प्रभारी देवा मनोज पंत ने बताया कि सीएचसी पर हुए हंगामे के मामले में दोनों पक्षों की डॉक्टरी परीक्षण कराया गया था। मारपीट दोनों पक्ष ने की थी जिस पर दोनों की तहरीर पर एनसीआर दर्ज किया गया है। बाद में दोनों पक्षों के लोगों ने आपसी सुलह करने के लिए लिखकर दिया है।