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lack of Doctors: 69 डॉक्टर और हों तो पटरी पर लौटे स्वास्थ्य सेवाएं

Wed, 03 Aug 2022 06:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज़ एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज़ एजेंसी, बाराबंकी Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 03 Aug 2022 06:28 PM IST
सार

बाराबंकी जिले में सीएचसी-पीएचसी में हर महीने पांच हजार के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं पर जिले में  डॉक्टरों की कमी है जिससे मरीजों को हर रोज ऐसे ही वापस लौट जाना पड़ता है।

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lack of doctors in Barabanki.
बिजली जाते ही पंखा ठप, जांचें भी ठप। - फोटो : amar ujala

विस्तार

पहले से 41 डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग में 28 डॉक्टर और कम हो जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। अब जिले में 69 डॉक्टर कम हो गए हैं। सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी व इमरजेंसी दोनों चलाना मुश्किल हो रहा है। बरसात के महीने में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हालात यह है कि रोजाना सैकड़ों मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन फार्मासिस्ट के सहारे बस जैसे-तैसे संचालित हो रहे हैं।

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जिले में 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। हर सीएचसी में रोजाना 100 से 150 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में सीएचसी व पीएचसी पर रोजाना पांच हजार के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिले में डॉक्टर के 240 पदों में 41 पद पहले से रिक्त चल रहे थे। 199 डॉक्टरों से किसी तरह से काम चल रहा था।
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सीएचसी पर 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं भी दी जाती रहीं। करीब एक महीना पहले डॉक्टरों के तबादले के बाद हालात और खराब हो गए हैं। जिले से 31 डॉक्टरों का तबादले हो गए मगर उनकी जगह गैर जिले से केवल तीन डाक्टर ही आ सके।
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ऐसे में अब जिले में करीब 69 डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है। ऐसी हालत में सीएचसी-पीएचसी में ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ओपीडी में सर्दी-जुकाम के मरीजों का इलाज मुश्किल है जबकि बरसात के महीने में स्वास्थ्य विभाग डेंगू, मलेरिया आदि की बीमारी के लिए विशेष तैयारी करता है।

बिजली जाते ही पंखा बंद, जांचें भी ठप
हैदरगढ़। बिजली कटते ही अस्पताल में पंखा व लाइट बंद ही नहीं जांचें होना भी बंद हो जाती है। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे हैदरगढ़ टाउन की बिजली बाधित हो गई। इससे सीएचसी हैदरगढ़ की भी आपूर्ति ठप हो गई। जननी सुरक्षा वार्ड में प्रसव के लिए भर्ती महिला व तीमारदार अंधेरे में थे।

बाहर लाबी में सरवनपुर से प्रसव के लिए भर्ती महिला की तीमारदार ताज बानो, बृजकला गर्मी से बचने के लिए बेंच पर हाथ का पंखा झल रही थी। करीब एक घंटे बाद बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान अस्पताल के कोल्डचेन में कोविड, वीसीजी, हेपेटाइटिस की वैक्सीन के खराब होने का खतरा ही नहीं बढ़ जाता है बल्कि एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व एनबीएस यूनिट ठप हो जाती है।


जिले से 31 डॉक्टरों के तबादले हो गए हैं जबकि आए केवल तीन डॉक्टर हैं। तबादले के बाद डॉक्टरों की कमी जरूर हो गई है मगर ओपीडी व इमरजेंसी दोनों लगातार संचालित की जा रही हैं जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ

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