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Barabanki News: बाराबंकी कृषि योजनाआें का केंद्रबिंदु
Sat, 13 Dec 2025 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:57 AM IST
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बाराबंकी के हरख ब्लॉक क्षेत्र के दलौतपुर गांव में अपने खेत में सीएम योगी को केले की खेती की जा
श्रुतिमान शुक्ल
बाराबंकी। किसान पाठशाला के आठवें संस्करण ने शुक्रवार को प्रदेश के कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा दे दी। मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने मिलकर साफ संकेत दिया कि राज्य अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक, तकनीकी और बाजार–उन्मुख कृषि मॉडल की ओर निर्णायक कदम रखने जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दौलतपुर में आयोजित किसान सम्मेलन में कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 28 जिलों को अगले छह वर्षों में खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा, और इसके लिए 4000 करोड़ रुपये का विशाल बजट तय कर दिया गया है। यह घोषणा केवल संकल्प नहीं बल्कि कृषि ढांचे को नया खाका देने की राज्य सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
योगी ने बाराबंकी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का गेटवे बताते हुए कहा कि जिले की लगातार बढ़ रही कृषि नवाचार क्षमता इसे राज्य की कृषि योजनाओं का केंद्र बिंदु बना रही है। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास की दूसरी बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क को अब बड़े स्तर पर विश्व स्तरीय बीज निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं दौलतपुर के खेतों को हेलीकॉप्टर से देखा है। बोले-यहां खेतों में सचमुच दौलत बरस रही है। प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा द्वारा प्रस्तुत केला टिश्यू कल्चर मॉडल से प्रभावित होकर सीएम योगी के समक्ष घोषणा की कि अगली कैबिनेट बैठक में बाराबंकी में एक बड़ा केला टिश्यू कल्चर केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
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सचिवालय में नहीं, खेत में बैठकर होगी बात : मुख्यमंत्री ने कहा कि अब खेती की बात सचिवालय में नहीं, बल्कि सीधे खेत पर होगी। उन्होंने कहा कि कृषि उन्नति के 150 वर्ष पूरे होने पर वे इसी उद्देश्य से दौलतपुर आए हैं।
सीएम के साथ ये रहे शामिल : सीएम के साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह, राज्यमंत्री सतीश शर्मा, कृषि राज्यमंत्री बलवंत सिंह औलख, कारागार राज्यमंत्री
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बाराबंकी। किसान पाठशाला के आठवें संस्करण ने शुक्रवार को प्रदेश के कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा दे दी। मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने मिलकर साफ संकेत दिया कि राज्य अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक, तकनीकी और बाजार–उन्मुख कृषि मॉडल की ओर निर्णायक कदम रखने जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दौलतपुर में आयोजित किसान सम्मेलन में कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 28 जिलों को अगले छह वर्षों में खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा, और इसके लिए 4000 करोड़ रुपये का विशाल बजट तय कर दिया गया है। यह घोषणा केवल संकल्प नहीं बल्कि कृषि ढांचे को नया खाका देने की राज्य सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
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योगी ने बाराबंकी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का गेटवे बताते हुए कहा कि जिले की लगातार बढ़ रही कृषि नवाचार क्षमता इसे राज्य की कृषि योजनाओं का केंद्र बिंदु बना रही है। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास की दूसरी बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क को अब बड़े स्तर पर विश्व स्तरीय बीज निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं दौलतपुर के खेतों को हेलीकॉप्टर से देखा है। बोले-यहां खेतों में सचमुच दौलत बरस रही है। प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा द्वारा प्रस्तुत केला टिश्यू कल्चर मॉडल से प्रभावित होकर सीएम योगी के समक्ष घोषणा की कि अगली कैबिनेट बैठक में बाराबंकी में एक बड़ा केला टिश्यू कल्चर केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
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सचिवालय में नहीं, खेत में बैठकर होगी बात : मुख्यमंत्री ने कहा कि अब खेती की बात सचिवालय में नहीं, बल्कि सीधे खेत पर होगी। उन्होंने कहा कि कृषि उन्नति के 150 वर्ष पूरे होने पर वे इसी उद्देश्य से दौलतपुर आए हैं।
सीएम के साथ ये रहे शामिल : सीएम के साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह, राज्यमंत्री सतीश शर्मा, कृषि राज्यमंत्री बलवंत सिंह औलख, कारागार राज्यमंत्री