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Barabanki News: ढाबा संचालक व मैकेनिक बन गए डकैत
Mon, 25 Dec 2023 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 25 Dec 2023 01:10 AM IST
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बाराबंकी। अपराध एक ऐसा दलदल है, जिसमें उतरने वाला जल्द पीछे नहीं लौटता। डकैती में शामिल रामबहादु़र, पारस, राजू यादव, गनेशी जैसे लोगों पर यह लाइन एकदम सटीक बैठती है। परिजनों की फटकार व कई बार जेल जाने के बाद इन लोगों ने अपना कारोबार तो शुरू किया, मगर जल्द अमीर बनने की चाहत ने इनको कहीं का नहीं छोड़ा।
कुर्सी थाना क्षेत्र के टिकैतगंज में पड़ी डकैती में पकड़े गए नौ बदमाशों की कहानी कुछ ऐसी ही है। लखनऊ के महिगवां थाना क्षेत्र के कुंवरपुर गांव के रामबहादुर ने वर्ष 2007 में एक मकान में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए हमला किया था। इसके बाद मारपीट, लूट व शराब की तस्करी में जेल गया। वर्ष 2021 तक पांच केस दर्ज होने पर उसने पहाड़प़ुर के पास ढाबा खोला। लेकिन जैसे ही गनेशी ने उससे डकैती के लिए संपर्क किया वह तैयार हो गया।
बक्शी का तालाब के देवरी रूखारा गांव के निवासी रूपेंद्र उर्फ सूरज ने 2019 में धोखाधड़ी से अपराध शुरू किया तो दलदल में समाता ही चला गया। चार साल में नौ बार जेल गया। एसएचओ कुर्सी जगदीश प्रसाद शुक्ला बताते हैं कि डकैती में शामिल रहा सीतापुर का राजू यादव तो एयरपोर्ट के पास बाइक मरम्मत की दुकान चलाता था। वहीं मोहसंड का अमरजीत व सागरपुर का पारस टैक्सी न अन्य वाहनों के चालक थे। नौ लोगों की गिरफ्तारी के बाद अमरजीत को छोड़कर किसी के परिजन पुलिस के पास नहीं पहुंचे।
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अमरजीत के परिजन उसके कृत्यों से दुखी थे। बक्शी का तालाब के भौली गांव का नौशाद तो इतना शातिर है कि वर्ष 2022 से अब तक मात्र एक साल में उस पर गैंगस्टर समेत नौ मुकदमे दर्ज हुए हैं।
अब लगेगा गैंगस्टर, खंगाली जाएगी संपत्ति
एसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना कि इन सभी डकैतों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसी एक्ट के तहत इनकी अपराध से अर्जित संपत्तियों की जांच होगी। संपत्तियों को चिह्नित करने के बाद कुर्की की कार्रवाई होगी।
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कुर्सी थाना क्षेत्र के टिकैतगंज में पड़ी डकैती में पकड़े गए नौ बदमाशों की कहानी कुछ ऐसी ही है। लखनऊ के महिगवां थाना क्षेत्र के कुंवरपुर गांव के रामबहादुर ने वर्ष 2007 में एक मकान में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए हमला किया था। इसके बाद मारपीट, लूट व शराब की तस्करी में जेल गया। वर्ष 2021 तक पांच केस दर्ज होने पर उसने पहाड़प़ुर के पास ढाबा खोला। लेकिन जैसे ही गनेशी ने उससे डकैती के लिए संपर्क किया वह तैयार हो गया।
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बक्शी का तालाब के देवरी रूखारा गांव के निवासी रूपेंद्र उर्फ सूरज ने 2019 में धोखाधड़ी से अपराध शुरू किया तो दलदल में समाता ही चला गया। चार साल में नौ बार जेल गया। एसएचओ कुर्सी जगदीश प्रसाद शुक्ला बताते हैं कि डकैती में शामिल रहा सीतापुर का राजू यादव तो एयरपोर्ट के पास बाइक मरम्मत की दुकान चलाता था। वहीं मोहसंड का अमरजीत व सागरपुर का पारस टैक्सी न अन्य वाहनों के चालक थे। नौ लोगों की गिरफ्तारी के बाद अमरजीत को छोड़कर किसी के परिजन पुलिस के पास नहीं पहुंचे।
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अमरजीत के परिजन उसके कृत्यों से दुखी थे। बक्शी का तालाब के भौली गांव का नौशाद तो इतना शातिर है कि वर्ष 2022 से अब तक मात्र एक साल में उस पर गैंगस्टर समेत नौ मुकदमे दर्ज हुए हैं।
अब लगेगा गैंगस्टर, खंगाली जाएगी संपत्ति
एसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना कि इन सभी डकैतों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसी एक्ट के तहत इनकी अपराध से अर्जित संपत्तियों की जांच होगी। संपत्तियों को चिह्नित करने के बाद कुर्की की कार्रवाई होगी।