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53 कांटे बंद, धान खरीद ठप, ऑफ लाइन टोकन निरस्त

Sat, 25 Dec 2021 01:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 01:15 AM IST
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dhaan khareed
बाराबंकी। शासन के एक आदेश से धान की खरीद पूरी तरह से बंद हो गई है। इससे धान लेकर क्रय केंद्रों पर कई दिनों से खड़े किसान आंदोलित हो उठे हैं। किसानों के साथ ही केंद्र प्रभारियों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। किसानों ने कहा कि यदि आदेश को दो दिन के अंदर वापस नहीं लिया जाता है तो वह धान लदी ट्रालियों के साथ लखनऊ कूच को मजबूर होंगे।
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शासन ने इस बार धान खरीद का लक्ष्य एक लाख 66 हजार एमटी निर्धारित किया है। जिसके सापेक्ष 65 केंद्रों के माध्यम से अभी तक महज 74 हजार 644 एमटी की खरीद की जा चुकी है। लेकिन शुक्रवार को अपर आयुक्त खाद्य अरुण कुमार सिंह ने जारी आदेश में कहा कि किसानों से खरीदे गए धान का बकाया प्रदेश में करीब 2143.81 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
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ऐसी स्थिति में मंडी के बाहर महज एक कांटे का ही संचालन किया जाए। शासन से आदेश मिलते ही विभाग ने मंडी के बाहर संचालित 53 कांटों पर धान की खरीद तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है। इससे कई दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों को तगड़ा झटका लगा है।
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इसके अलावा ऑफ लाइन जारी किए गए टोकन भी निरस्त कर दिए गए हैं। अब सिर्फ वहीं किसान अपने धान की तौल कर सकते हैं जिन्होंने ऑनलाइन टोकन लिया होगा। इस तरह से जिले में करीब 6 हजार किसानों को ऑफलाइन टोकन जारी किए गए थे जो एक झटके में निरस्त कर दिए जाने से जिले के किसानों में हाहाकार मच गया है और कई दिनों से लाइन में खड़े किसानों में आंदोलित हो उठे हैं। किसान संगठनों ने भी आदेश का विरोध करना शुरू कर दिया है। वहीं राइस मिल मालिकों ने भी इस आदेश का विरोध करना शुरू कर दिया है।
आदेश के बाद दोपहर में ही बंद हो गई साइट
शासन के आदेश के बाद काफी संख्या में किसानों ने ऑनलाइन टोकन के लिए प्रयास करना शुरू कर दिया। कई किसानों को टोकन मिल भी गए लेकिन लोड इतना ज्यादा बढ़ गया कि शासन को दोपहर बाद साइट बंद करनी पड़ी। किसानों का कहना कि काफी मशक्कत करने के बाद भी ऑनलाइन टोकन नहीं मिल रहे हैं। शासन की मंशा साफ है जिस तरह से पिछले साल बीच में ही धान खरीद बंद कर दी गई थी वही नीति इस बार भी अपनाई जा रही है।
धान की ट्रॉलियों के साथ लखनऊ कूच करेंगे किसान
भाकियू नेता विक्रांत सैनी ने शासन द्वारा जारी आदेश का कड़ा विरोध किया है। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी से भेंटकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि जिले का किसान पहले ही संकट से जूझ रहा है। धान की आधे से ज्यादा फसल बारिश की भेंट चढ़ चुकी है। ऐसी दशा में किसानों पर नए-नए आदेश थोप परेशान किया जा रहा है। यदि दो दिन के अंदर जारी आदेश को वापस नहीं लिया जाता है तो किसान धान लदी ट्रॉलियों के साथ लखनऊ कूच करने को मजबूर होंगे।
हड़ताल पर जा सकते हैं क्रय केंद्र प्रभारी
शासन द्वारा जारी आदेश के बाद राइस मिल मालिकों ने धान की उठान से हाथ खड़े कर दिए हैं। सूत्रों का कहना है अभी तक एक कांटे पर किसानों का धान तौला जाता था दूसरे कांटे पर मिल वालों के कागजात चढ़ते थे। जिसके कारण राइस मिल मालिक धान की कुटाई करने को तैयार हो गए थे।
लेकिन नए आदेश के बाद मिल मालिकों ने धान का उठान करने से साफ इंकार कर दिया है कि जब उनके कागजात नहीं चढ़ेंगे वह धान का उठान नहीं करेंगे। इससे क्रय केंद्रों पर काफी मात्रा में धान डंप है। जिससे क्रय केंद्र प्रभारियों को दिक्कत हो सकती है। इसको लेकर सोमवार को बैठक बुलाई गई है। इसमें बात नहीं बनी तो क्रय केंद्र प्रभारी हड़ताल पर जा सकते हैं।

शासन ने मंडी के बाहर महज एक कांटा संचालित करने का आदेश दिया है जिसका पूरी सख्ती से अनुपालन करा दिया गया है। वहीं ऑफलाइन टोकन निरस्त कर ऑनलाइन टोकन पर खरीद के आदेश सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को दिए गए हैं। इससे किसानों को कुछ दिक्कतें हुई हैं। किसानों से वार्ता की जा रही है। जल्द ही समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। पूरी समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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