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Barabanki News: भगौली तीर्थ के सावन मेला में समस्याओं से जूझेंगे श्रद्धालु
Wed, 09 Jul 2025 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 09 Jul 2025 01:05 AM IST
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घुंघटेर (बाराबंकी)। रामनगर क्षेत्र के लोधेश्वर महादेवा की तरह निंदूरा क्षेत्र के महाभारत कालीन भगौली तीर्थ में भी सावन मेला का आयोजन 11 जुलाई से होगा। यहां भी काफी संख्या में श्रद्धालु प्रसन्ननाथ महादेव का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करने के लिए जुटते हैं। मेला आयोजन की उल्टी गिनती शुरू हो जाने के बावजूद मेला परिसर में बिजली, पानी और सफाई के चाकचौबंद इंतजाम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। इससे आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मेला परिसर में सर्कस, झूला, खिलौनों के साथ ही खान-पान सामग्री की बिक्री से जुड़ी दुकानें दुकानें सजने लगी हैं। प्रसन्नाथ भगौली तीर्थ का मेला पूरे सावन भर चलता है। विशेषतौर पर सोमवार को काफी भीड़ जुटती है। सीतापुर, हरदोई, कानपुर, रायबरेली, लखीमपुर, लखनऊ, बहराइच, पीलीभीत आदि जिलों से भी बड़ी संख्या में हजारों शिव भक्त जलाभिषेक के लिए आते हैं।
मेला आयोजन से जुटे लोग तैयारियों को लेकर उदासीन बने हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंप में एक खराब है तो दूसरा बदबूदार पानी दे रहा है। मंदिर परिसर में बना विशाल सरोवर में कमल के फूल खिलें हैं, लेकिन सफाई न होने से पानी काला व कीचड़ युक्त हो गया है। जबकि इसी सरोवर में स्नान कर अधिकांश श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। पानी की टंकी के साथ ही नलों की टोटियां भी टूटी होने के साथ ही स्ट्रीट लाइट से लेकर मेला परिसर तक में प्रकाश की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
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कुंवारियां करती हैं मनपसंद वर की कामना
प्रसन्नाथ मंदिर के पुजारी अजय पुरी ने बताया कि सावन मेला में दूर-दराज के श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि देवी पार्वती ने यहीं पर अपनी कठोर तपस्या से शिव को प्रसन्न कर पति के रूप में प्राप्त किया था। इसलिए कुंवारी युवतियां मन पसंद वर की कामना से सावन के सोमवार के व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। सुहागिनें पति की लंबी आयु की कामना से प्रसन्ननाथ की पूजा करती हैं।
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मेला परिसर में सर्कस, झूला, खिलौनों के साथ ही खान-पान सामग्री की बिक्री से जुड़ी दुकानें दुकानें सजने लगी हैं। प्रसन्नाथ भगौली तीर्थ का मेला पूरे सावन भर चलता है। विशेषतौर पर सोमवार को काफी भीड़ जुटती है। सीतापुर, हरदोई, कानपुर, रायबरेली, लखीमपुर, लखनऊ, बहराइच, पीलीभीत आदि जिलों से भी बड़ी संख्या में हजारों शिव भक्त जलाभिषेक के लिए आते हैं।
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मेला आयोजन से जुटे लोग तैयारियों को लेकर उदासीन बने हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर लगे दो इंडिया मार्का हैंडपंप में एक खराब है तो दूसरा बदबूदार पानी दे रहा है। मंदिर परिसर में बना विशाल सरोवर में कमल के फूल खिलें हैं, लेकिन सफाई न होने से पानी काला व कीचड़ युक्त हो गया है। जबकि इसी सरोवर में स्नान कर अधिकांश श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। पानी की टंकी के साथ ही नलों की टोटियां भी टूटी होने के साथ ही स्ट्रीट लाइट से लेकर मेला परिसर तक में प्रकाश की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
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कुंवारियां करती हैं मनपसंद वर की कामना
प्रसन्नाथ मंदिर के पुजारी अजय पुरी ने बताया कि सावन मेला में दूर-दराज के श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि देवी पार्वती ने यहीं पर अपनी कठोर तपस्या से शिव को प्रसन्न कर पति के रूप में प्राप्त किया था। इसलिए कुंवारी युवतियां मन पसंद वर की कामना से सावन के सोमवार के व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। सुहागिनें पति की लंबी आयु की कामना से प्रसन्ननाथ की पूजा करती हैं।