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देवा रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र की हालत खस्ता
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:23 PM IST
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शहर से 12 किमी दूर स्थापित देवा रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित किए गए कई उद्योग धंधे धीरे-धीरे बंद होते जा रहे हैं। क्षेत्र में स्थापित उद्यम सड़क व नाली की समस्या से जूझ रहे हैं। उद्यमी अपना उद्योग खुद के दम पर चला रहे हैं। शासन स्तर से यदि बेहतर सुविधाएं नहीं मिली तो कई और उद्योग कभी भी बंद हो सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि सरकार मझोले व छोटे उद्योगों की उपेक्षा कर रही है।
उद्योगों की वर्तमान हालत
आजादी के बाद देवां रोड पर स्थापित कई उद्योग आज बंदी की कगार पर हैं। यहां चार मिलें बंद हो चुकी हैं। ये उद्योग कब स्थापित किए गए थे, इसकी जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। यहां पर पहले एक मिल लगी, उसके बाद धीरे-धीरे कई अन्य स्थापित होती गई। बाराबंकी शुगर मिल, बुढ़वल शुगर मिल, सौमैया नगर स्थित जेआर आर्गेनिक्स यहीं पर लगी राज्य कताई मिल (सूत मिल) बंद हो चुकी है।
इसके अलावा इस एरिया में चल रहे कई और उद्योग धंधे बीमार हैं। इन मिलों में कार्य करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और शासन द्वारा बेहतर सुविधाएं न दिए जाने की वजह से ये मिलें बंद हो गई हैं और अभी कई बंद होने की कगार पर हैं।
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चलाने का नहीं हो रहा प्रयास
सूत मिल कर्मियों का आरोप है कि मिल में तैनात अधिशासी अधिकारी की लापरवाही की वजह से मिल बंद हो गई। मिल को चलाने के लिए शासन से पैसा मिल था, लेकिन अधिशासी अधिकारी उस पैसे को भी डकार गए। सूत मिल और जेआर आर्गेनिक्स को चलाने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
सुगर मिल के उपकरण गायब
बाराबंकी शुगर मिल को बेच दिए जाने के बाद मिल में लगे उपकरण भी चोरी छिपे बेचे जा रहे हैं। मिल का स्क्रैप तो लगभग पूरे का पूरा गायब कर दिया गया है। यहां पर बनाए गए कर्मचारियों के आवास पर अवैध तरीके से लोगों ने कब्जा कर लिया है। जिन आवासों पर कब्जा किया गया है वह किराए पर दे दिए गए हैं। जिसे खाली कराने के प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं।
रोज हो रही छह घंटे की कटौती
औद्योगिक क्षेत्र को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के सरकारी दावे के विपरीत औद्योगिक क्षेत्र देवा रोड में प्रतिदिन छह घंटे बिजली कटौती की जाती है। सड़कों का हाल बेहाल होने से भी उद्योग पर अनावश्यक भार पड़ रहा है।
सड़कों पर रहता जलभराव
इस इलाके में मेन सड़क को छोड़कर बाकी सड़कें पूरी तरह जर्जर हैं। क्षेत्र में जलनिकासी के लिए नालियों का अभाव है। रोड पर अक्सर जलभराव रहता है। आवागमन में परेशानी होती है।
उद्योग धंधों के संचालन का होता प्रयास
प्रतिमाह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्यमियों के साथ डीआरडीए में बैठक होती है। उद्यमियों की जो समस्याएं होती हैं, उन्हें सुना जाता है और उनका निराकरण भी कराया जाता है। उद्योग धंधे संचालित होते रहें, इसके लिए बराबर प्रयास किए जाते हैं। बाराबंकी शुगर मिल, बुढ़वल शुगर मिल, जेआर आर्गेनिक्स और सूत मिल किन कारणों से बंद हुई इस विषय में कुछ भी कह पाना मुश्किल है।
-कंचन सुबोध, उपायुक्त, उद्योग कें द्र
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उद्योगों की वर्तमान हालत
आजादी के बाद देवां रोड पर स्थापित कई उद्योग आज बंदी की कगार पर हैं। यहां चार मिलें बंद हो चुकी हैं। ये उद्योग कब स्थापित किए गए थे, इसकी जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। यहां पर पहले एक मिल लगी, उसके बाद धीरे-धीरे कई अन्य स्थापित होती गई। बाराबंकी शुगर मिल, बुढ़वल शुगर मिल, सौमैया नगर स्थित जेआर आर्गेनिक्स यहीं पर लगी राज्य कताई मिल (सूत मिल) बंद हो चुकी है।
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इसके अलावा इस एरिया में चल रहे कई और उद्योग धंधे बीमार हैं। इन मिलों में कार्य करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और शासन द्वारा बेहतर सुविधाएं न दिए जाने की वजह से ये मिलें बंद हो गई हैं और अभी कई बंद होने की कगार पर हैं।
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चलाने का नहीं हो रहा प्रयास
सूत मिल कर्मियों का आरोप है कि मिल में तैनात अधिशासी अधिकारी की लापरवाही की वजह से मिल बंद हो गई। मिल को चलाने के लिए शासन से पैसा मिल था, लेकिन अधिशासी अधिकारी उस पैसे को भी डकार गए। सूत मिल और जेआर आर्गेनिक्स को चलाने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
सुगर मिल के उपकरण गायब
बाराबंकी शुगर मिल को बेच दिए जाने के बाद मिल में लगे उपकरण भी चोरी छिपे बेचे जा रहे हैं। मिल का स्क्रैप तो लगभग पूरे का पूरा गायब कर दिया गया है। यहां पर बनाए गए कर्मचारियों के आवास पर अवैध तरीके से लोगों ने कब्जा कर लिया है। जिन आवासों पर कब्जा किया गया है वह किराए पर दे दिए गए हैं। जिसे खाली कराने के प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं।
रोज हो रही छह घंटे की कटौती
औद्योगिक क्षेत्र को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के सरकारी दावे के विपरीत औद्योगिक क्षेत्र देवा रोड में प्रतिदिन छह घंटे बिजली कटौती की जाती है। सड़कों का हाल बेहाल होने से भी उद्योग पर अनावश्यक भार पड़ रहा है।
सड़कों पर रहता जलभराव
इस इलाके में मेन सड़क को छोड़कर बाकी सड़कें पूरी तरह जर्जर हैं। क्षेत्र में जलनिकासी के लिए नालियों का अभाव है। रोड पर अक्सर जलभराव रहता है। आवागमन में परेशानी होती है।
उद्योग धंधों के संचालन का होता प्रयास
प्रतिमाह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्यमियों के साथ डीआरडीए में बैठक होती है। उद्यमियों की जो समस्याएं होती हैं, उन्हें सुना जाता है और उनका निराकरण भी कराया जाता है। उद्योग धंधे संचालित होते रहें, इसके लिए बराबर प्रयास किए जाते हैं। बाराबंकी शुगर मिल, बुढ़वल शुगर मिल, जेआर आर्गेनिक्स और सूत मिल किन कारणों से बंद हुई इस विषय में कुछ भी कह पाना मुश्किल है।
-कंचन सुबोध, उपायुक्त, उद्योग कें द्र