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Barabanki News: ऑफ सीजन में पनप रहा डेंगू, मरीजों के लिए परेशानी
Tue, 18 Nov 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 18 Nov 2025 12:13 AM IST
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बाराबंकी। बेमौसम में डेंगू के मरीज मिलने से जहां एक ओर मरीज परेशान हैं, वहीं चिकित्सक भी हैरत में हैं। चिकित्सकों का मानना है कि मौसम में बदलाव इसकी प्रमुख वजह है। हालांकि, जिले में डेंगू से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए तैयार नहीं है और गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के मरीज सितंबर और अक्तूबर माह में ज्यादा मिलते हैं और नवंबर माह में इनकी संख्या न के बराबर हो जाती है। लेकिन, जिस तरह से ऑफ सीजन में मरीज मिल रहे हैं, वह चिंता का विषय है।रामनगर में एक लेखपाल, शहर में कृषि विभाग का एक बाबू समेत दो लोग और हैदरगढ़ क्षेत्र में कई अन्य मरीज डेंगू से पीड़ित मिले हैं। इसके अलावा शहर से सटी ग्राम पंचायत शुक्लई में एक महिला की डेंगू से मौत होने के बाद विभाग भी सकते में है।
चूंकि सीजन खत्म हो चुका है, इसलिए अस्पताल भी इस रोग के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में सिर्फ बुखार के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जिले के अस्पतालों में डेंगू से निपटने के लिए कोई खास इंतजाम नजर नहीं आए।
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बाक्स
मौसम में बदलाव प्रमुख कारण
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं कि नवंबर में डेंगू के मरीज नहीं मिलते हैं। लेकिन इस समय सुबह-शाम और रात को ठंड हो रही है और दिन में धूप निकल रही है। जिसकी वजह से मच्छर खत्म नहीं हुए हैं और यही वजह है कि डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
वर्जन
जहां पर भी डेंगू और बुखार के मरीज मिल रहे हैं वहां पर जांच और इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम भेजी जा रही है। इसके अलावा गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
डॉ. डीके श्रीवास्तव, एसीएमओ प्रशासन
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के मरीज सितंबर और अक्तूबर माह में ज्यादा मिलते हैं और नवंबर माह में इनकी संख्या न के बराबर हो जाती है। लेकिन, जिस तरह से ऑफ सीजन में मरीज मिल रहे हैं, वह चिंता का विषय है।रामनगर में एक लेखपाल, शहर में कृषि विभाग का एक बाबू समेत दो लोग और हैदरगढ़ क्षेत्र में कई अन्य मरीज डेंगू से पीड़ित मिले हैं। इसके अलावा शहर से सटी ग्राम पंचायत शुक्लई में एक महिला की डेंगू से मौत होने के बाद विभाग भी सकते में है।
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चूंकि सीजन खत्म हो चुका है, इसलिए अस्पताल भी इस रोग के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में सिर्फ बुखार के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जिले के अस्पतालों में डेंगू से निपटने के लिए कोई खास इंतजाम नजर नहीं आए।
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मौसम में बदलाव प्रमुख कारण
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं कि नवंबर में डेंगू के मरीज नहीं मिलते हैं। लेकिन इस समय सुबह-शाम और रात को ठंड हो रही है और दिन में धूप निकल रही है। जिसकी वजह से मच्छर खत्म नहीं हुए हैं और यही वजह है कि डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
वर्जन
जहां पर भी डेंगू और बुखार के मरीज मिल रहे हैं वहां पर जांच और इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम भेजी जा रही है। इसके अलावा गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
डॉ. डीके श्रीवास्तव, एसीएमओ प्रशासन