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Barabanki News: सात अध्यक्षों की हार, चार की कुर्सी रही बरकरार
Sun, 14 May 2023 02:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 14 May 2023 02:18 AM IST
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बाराबंकी। दस वर्षों से कुर्सी पर काबिज रहने वाले सात अध्यक्षों को जनता ने इस बार नकार दिया है जबकि चार अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे। आरक्षण के चलते दो दावेदार चुनावी प्रक्रिया से पहले ही बाहर हो गए थे। जिन सात नए अध्यक्षों पर जनता ने भरोसा जताया है उन्हें इनकी कसौटियों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करना होगा तभी ये जनता का विश्वास जीतने में पूरी तरह से सफल हो पाएंगे।
नगर पालिका परिषद नवाबगंज पर पांच वर्षों के रंजीत बहादुर श्रीवास्तव तो पांच वर्षों तक इनकी पत्नी शशि श्रीवास्तव ने राज किया। जनता ने इन्हें जिस विश्वास और आस के साथ दोबारा शहर की सत्ता सौंपी उसे यह बरकरार रखने में नाकाम रहे तो जनता ने इन्हें कुर्सी से बेदखल करते हुए शीला सिंह को यहां की बागडोर सौंप दी है। इसी प्रकार देवा नगर पंचायत पर पिछले दस साल से साहबेआलम और जैदपुर नगर पंचायत पर रियाज और इनकी बहन का कब्जा चला आ रहा था। इस बार जनता ने इन दोनों को कुर्सी से हटाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया और यहां की सत्ता हारून तथा नीलोफर को सौंप दी है। इसी प्रकार हैदरगढ से पूजा दीक्षित, रामनगर से बद्री विशाल त्रिपाठी, सिद्वौर से प्रेमावती और दरियाबाद से नूरआलम राइन को भी जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है। टिकैतनगर से जगदीश प्रसाद गुप्ता, बेलहरा शबाना खातून, सतरिख रेहान कामिल और बंकी से इरफाना खातून अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही हैं। वहीं, फतेहपुर और सुबेहा नगर पंचायत आरक्षण की श्रेणी में आ गईं थीं इसलिए यहां के दावेदार पहले ही चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
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नगर पालिका परिषद नवाबगंज पर पांच वर्षों के रंजीत बहादुर श्रीवास्तव तो पांच वर्षों तक इनकी पत्नी शशि श्रीवास्तव ने राज किया। जनता ने इन्हें जिस विश्वास और आस के साथ दोबारा शहर की सत्ता सौंपी उसे यह बरकरार रखने में नाकाम रहे तो जनता ने इन्हें कुर्सी से बेदखल करते हुए शीला सिंह को यहां की बागडोर सौंप दी है। इसी प्रकार देवा नगर पंचायत पर पिछले दस साल से साहबेआलम और जैदपुर नगर पंचायत पर रियाज और इनकी बहन का कब्जा चला आ रहा था। इस बार जनता ने इन दोनों को कुर्सी से हटाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया और यहां की सत्ता हारून तथा नीलोफर को सौंप दी है। इसी प्रकार हैदरगढ से पूजा दीक्षित, रामनगर से बद्री विशाल त्रिपाठी, सिद्वौर से प्रेमावती और दरियाबाद से नूरआलम राइन को भी जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है। टिकैतनगर से जगदीश प्रसाद गुप्ता, बेलहरा शबाना खातून, सतरिख रेहान कामिल और बंकी से इरफाना खातून अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही हैं। वहीं, फतेहपुर और सुबेहा नगर पंचायत आरक्षण की श्रेणी में आ गईं थीं इसलिए यहां के दावेदार पहले ही चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
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