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Barabanki News: मरीजों की भरमार, धीमी जांच की रफ्तार
Tue, 26 Sep 2023 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 26 Sep 2023 01:06 AM IST
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बाराबंकी। जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। ऐसे में सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। वहीं जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ के साथ-साथ अव्यवस्थाएं भी बढ़ जाती हैं। यहां इलाज कराने आए मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने और जांच कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जांच की गति धीमी होने से सभी मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
माती क्षेत्र स्थित एक संस्थान के कार्यक्रम में सोमवार को बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे थे। उनसे जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उनका दावा था कि पहले से हालात बेहतर हैं। लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन डिप्टी सीएम के दावों को हवाहवाई साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ जुटी। ऐसे में कई मरीज बिना पर्चा बनवाए ही लौट गए। वहीं कुछ ऐसे भी रहे, जिन्हें डॉक्टर ने देखकर जांच लिखी, मगर पैथोलॉजी से बिना जांच के ही उन्हें वापस आना पड़ा।
सतरिख क्षेत्र के रामदयाल ने बताया कि उन्हें पांच दिनों से बुखार है। डॉक्टर ने जांच लिखी थी, लेकिन पैथोलॉजी के बाहर लाइन इतनी लंबी थी कि जब तक उनका नंबर आया, 11 बज चुके थे। इससे उनकी जांच नहीं हो पाई। इसी तरह कई अन्य मरीज भी बिना जांच कराए ही लौट गए। इंसेफ्लाइटिस वार्ड में भर्ती सभी मरीज बुखार से परेशान हैं, मगर किसी को यह जानकारी नहीं है कि उन्हें कौन सा बुखार है। जांच की रफ्तार धीमी होने से मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
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उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुखार पीड़ितों की जांच नहीं की जा रही है। विभाग घर-घर जाकर जांच और दवाएं देने का दावा कर रहा है। मगर हकीकत यह है कि मरीजों को सीएचसी और पीएचसी पर जांच कराने में पसीने छूट रहे हैं। इस संबंध मेें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि अस्पताल में लगातार जांच की जा रही है। सभी डॉक्टर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और सीबीसी की जांच मरीजों को लिख रहे हैं। जिले में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि 17 डेंगू और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज वर्तमान में हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। वहीं करीब ढाई सौ मरीज देखे गए हैं। इनमें बुखार के 53 मरीज मिले हैं।
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माती क्षेत्र स्थित एक संस्थान के कार्यक्रम में सोमवार को बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे थे। उनसे जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उनका दावा था कि पहले से हालात बेहतर हैं। लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन डिप्टी सीएम के दावों को हवाहवाई साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ जुटी। ऐसे में कई मरीज बिना पर्चा बनवाए ही लौट गए। वहीं कुछ ऐसे भी रहे, जिन्हें डॉक्टर ने देखकर जांच लिखी, मगर पैथोलॉजी से बिना जांच के ही उन्हें वापस आना पड़ा।
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सतरिख क्षेत्र के रामदयाल ने बताया कि उन्हें पांच दिनों से बुखार है। डॉक्टर ने जांच लिखी थी, लेकिन पैथोलॉजी के बाहर लाइन इतनी लंबी थी कि जब तक उनका नंबर आया, 11 बज चुके थे। इससे उनकी जांच नहीं हो पाई। इसी तरह कई अन्य मरीज भी बिना जांच कराए ही लौट गए। इंसेफ्लाइटिस वार्ड में भर्ती सभी मरीज बुखार से परेशान हैं, मगर किसी को यह जानकारी नहीं है कि उन्हें कौन सा बुखार है। जांच की रफ्तार धीमी होने से मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
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उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुखार पीड़ितों की जांच नहीं की जा रही है। विभाग घर-घर जाकर जांच और दवाएं देने का दावा कर रहा है। मगर हकीकत यह है कि मरीजों को सीएचसी और पीएचसी पर जांच कराने में पसीने छूट रहे हैं। इस संबंध मेें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि अस्पताल में लगातार जांच की जा रही है। सभी डॉक्टर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और सीबीसी की जांच मरीजों को लिख रहे हैं। जिले में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि 17 डेंगू और दो मलेरिया पॉजिटिव मरीज वर्तमान में हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। वहीं करीब ढाई सौ मरीज देखे गए हैं। इनमें बुखार के 53 मरीज मिले हैं।