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मजार की बावड़ी में डूबने से दो महिलाओं की मौत

Thu, 29 Sep 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Thu, 29 Sep 2016 11:45 PM IST
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The death of two women from drowning in the pond of Mazar
जिला अस्पताल से दोनों के शव जबरन लेकर चले गए परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
सुरसंडा गांव स्थित एक मजार पर चादर चढ़ाने गई दो महिलाएं मजार की बावड़ी में नहाने के दौरान डूब गईं। वहां मौजूद एक युवक ने दोनों को किसी तरह बाहर निकाला। गंभीर हालत में दोनों महिलाओं को लेकर स्थानीय लोग व परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों के परिवारीजन पुलिस को जानकारी दिए बगैर जबरन दोनों शवों को लेकर चले गए।   
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शहर कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती पीरबटान की रहने वाली शबनम (26) पुत्री रहमत अली व सबीहा बानो (22) पुत्री शेरअली बृहस्पतिवार को अपने परिवारीजनों के साथ मसौली थाना क्षेत्र के सुरसंडा गांव स्थित हजरत मकदूम शाह की मजार पर चादर चढ़ाने के लिए गई थीं।
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दोपहर के समय मजार के मुजौर बकरीदी, इम्तियाज, अलताब व रईस अहमद सभी आए हुए जायरीन को मजार के पीछे बावड़ी में डुबकी लगाकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए कहा।
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ये दोनों महिलाएं यहां मजार के पीछे स्थित बावड़ी में डुबकी लगाने के लिए गई थी। तभी वह बावड़ी में गहरे पानी में पहुंच गई और उसमें डूबने लगी। वहां मौजूद लखनऊ के मुलायम नगर निवासी वसीम रईन ने दोनों को बाहर निकाला। जिसके बाद बेहोशी की हालत में दोनों महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरोें ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जिला अस्पताल ने एक शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की चीरघर  में रख दिया था। लेकिन परिवारीजन पुलिस को सूचना दिए बगैर शव को लेकर घर चले गए और उनका अंतिम संस्कार करवा दिया है। शहर कोतवाल बीपी यादव का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई। 

प्रत्येक गुरुवार को जियारत के लिए जाती थीं महिलाएं
मसौली क्षेत्र के सुरसंडा स्थित हजरत मकदूम अब्दुल करीम बाबा की दरगाह है। यहां प्रत्येक गुरुवार को चादरपोशी होती है। यहां पर दूर दराज से जायरीन आते हैं। शबनम पड़ोसी शबीना बानों के साथ प्रत्येक गुरुवार को मजार पर जाती थीं। गुरुवार को भी दोनों परिवारीजनों के साथ गई हुई थी। सूत्रों की मानें तो मजार के मुजौर झाड़फूंक के नाम कई जतन आने वाले जायरीन से कराते हैं। सूत्रों के मुताबिक जो जितने गहरे पानी में डुबकी लगाता है उसकी मन्नत उतनी जल्दी पूरी होती है यह कहकर गहरे पानी में भेजा जाता है। 


एक की जैदपुर व दूसरी की लखनऊ में हुई थी शादी
शहर कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती पीरबटावन शेर अली की पुत्री सबीहा बानों की शादी जैदपुर कस्बे के निवासी सरफुद्दीन व रहमत अली की पुत्री शबनम बानों की शादी लखनऊ के चिनहट निवासी वारिस अली के साथ हुई थी। दोनों महिलाएं इन दिनों अपने मायके पीरबटावन में रह रही थीं। गुरुवार को एक साथ दोनों मजार पर गई हुई थीं। सबीहा की डेढ़ साल की और शबनम की करीब चार साल की बेटी है। हादसे के बाद दोनों की ससुराल व मायके में कोहराम मचा हुआ है। 

सुरसंडा स्थित बावड़ी में डूबने से दो महिलाओं की मौत की जानकारी नहीं है और न ही किसी प्रकार की कोई शिकायत थाने पर आई है। -अवधेश यादव, एसओ मसौली
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