वसूली के लिए बदनाम रहा आरोपी एसओ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। पत्रकार की मां से रेप का प्रयास व छेड़छाड़ करने वाला कोठी थानाध्यक्ष रायसाहब यादव यहां मारफीन तस्करों से अवैध वसूली करने का रैकेट चलाने का आरोप झेल चुका है। सत्तापक्ष के नेताओं की करीबी के दम पर आरोपी थानेदार अपने अफसरों की भी नाफरमानी करता था।
लग्जरी कार व महंगे मोबाइल के शौकीन आरोपी रायसाहब यादव रंगीन मिजाजी के लिए भी चर्चित रहा है। शाम होते ही थाना छोड़कर राजधानी की सैर करने वाले इस थानेदार पर पुलिस का कोई अधिकारी अंकुश नहीं लगा पाता था। 2012 मेें जिले में तैनाती पाने वाला रायसाहब यादव जौनपुर जिले का रहने वाला है। सपा सरकार बनते ही इसको जिले मेें सबसे ज्यादा मलाईदार माने जाने वाले जैदपुर थाने का चार्ज मिल गया। आरोप है कि यहां करीब दो साल तक उसने मारफीन तस्करों के बीच मेें गहरी पैठ बना ली। हाल यह था कि क्षेत्र का ऐसा कोई बड़ा तस्कर नहीं था जो हर रोज जैदपुर थाने पहुंचकर एसओ को नजराना न पेश करे। यहां पर भी कई मामलों में मनमानी कार्रवाई करने पर किसान यूनियन समेत कई संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद सतरिख में भी तैनाती के दौरान रायसाहब की कारगुजारियां जारी रहीं। जहंागीराबाद से करीब 6 माह पहले रायसाहब यादव को कप्तान ने कोठी थाने का चार्ज सौंपा था। अपनी दादागीरी से मोटी रकम हासिल करने वाला आरोपी थानाध्यक्ष रायसाहब यादव लग्जरी कार डस्टर से चलता है।
‘
डस्टर’ से चलता है आरोपी थानेदारएसओ साहब के जलवे का आलम यह है कि इनके पास 50 से लेकर 80 हजार रुपये की कीमत के चार मोबाइल फोन हैं।
-
मीडिया वाले क्या बिगाड़ लेंगे
आरोपी थानाध्यक्ष रायसाहब यादव मीडिया कर्मियों से हमेशा चिढ़ा रहता था। इसके कारनामों को मीडिया कर्मी अपने अखबारों मेें उजागर करते थे जिससे यह खिन्न रहता था। क्षेत्र में होने वाले अवैध खनन व अन्य कई कामों से रायसाहब यादव हर माह लाखों रुपये की कमाई करता था। यदि कोई उससे कुछ कहता तो वह बोलता था कि भाई आला अफसरों से लेकर नेताओं तक उनका हिस्सा पहुंचा रहे है तो भला यह मीडिया वाले मेरा क्या बिगाड़ लेंगे।