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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Openly roaming Murder accused

खुलेआम घूम रहे हत्यारोपी

Wed, 08 Jul 2015 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 08 Jul 2015 11:32 PM IST
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बाराबंकी। कोठी थाने में महिला को जिंदा जलाने के मामले में आरोपी एसओ रायसाहब यादव व एसआई अखिलेश राय की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वह आम दिनों की तरह खुलेआम घूम रहे हैं। वारदात के 48 घंटे बाद भी महिला के मृत पूर्व आखिरी बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कोई धारा नहीं बढ़ाई गई है। आरोपियों को तलाशने के लिए न तो कोई टीम बनाई गई और न ही उनके घरों पर दबिश दी गई। कोठी थाने में हुए हैवानियत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली ने कप्तान अब्दुल हमीद की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, बुधवार को घटना स्थल पर लखनऊ से पहुंची फोरेंसिक टीम ने निरीक्षण किया है।

सोमवार को कोठी थाने में रेप के प्रयास के बाद जिंदा जलाई गई महिला के हत्यारोपी थानाध्यक्ष रायसाहब यादव व एसआई अखिलेश राय को पकड़ने के लिए पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किया है। इस वारदात के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस महिला के आखिरी बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ 302 की धारा नहीं बढ़ाई है। देश भर में सुर्खियों में छाए इस जघन्य वारदात के बाद भी पुलिस कप्तान अब्दुल हमीद की निकम्मी कार्यप्रणाली उनकी भूमिका को संदिग्ध बना रही है। ऐसा लगता है कि पुलिस दोनों आरोपियों को अपने बचाव का पुख्ता इंतजाम कर लेने का कोई मौका नहीं दे रही है। छोटे-छोटे अपराध के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस तुरंत उनके घर पर धावा बोल देती है, लेकिन इस जघन्य वारदात में पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया। न तो आरोपी थानेदार और दरोगा केेे घर पर दबिश दी गई और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य या किसी रिश्तेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए को मुख्यमंत्री को बयान देना पड़ा, लेकिन कप्तान पर उसका भी कोई असर नहीं पड़ा।

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स्पेशल फोरेंसिक टीम ने किया निरीक्षण

बुधवार दोपहर लखनऊ से पहुंची स्पेशल फोरेंसिक टीम के सदस्यों ने कोठी थाने में उस जगह का निरीक्षण किया जहां पर महिला को जिंदा जलाया गया था। इसके साथ ही टीम ने आसपास के लोगों से भी इस घटना के बारे मेें जानकारी ली। आईजी जोन के निर्देश पर पहुंची यह टीम अब यहां पर जांच पड़ताल करने के बाद अपनी रिपोर्ट सीधे आईजी को सौंपेगी।

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लोनीकटरा थानाध्यक्ष को सौंपी विवेचना

इस मामले में कार्रवाई के लिए एसपी अब्दुल हमीद ने लोनीकटरा थानाध्यक्ष को विवेचना सौंपी है। एसओ अरुण द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने बुधवार को कोठी थाने पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया व वादी और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए हैं। कहा जांच के बाद जल्द ही मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में धारा बढ़ाई जाएगी।

आरोपियों पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस

घटना मेें आरोपी थानाध्यक्ष रायसाहब यादव व अखिलेश राय की पहुंच से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतने गंभीर अपराध में आरोपी होने के बाद भी पुलिस उन पर हाथ नहीं डाल रही है। एसओ रायसाहब यादव का मोबाइल वारदात के बाद से लगातार खुला है। इसका मतलब है उसकी पुलिस अधिकारियों से लगातार बात हो रही है। साफ है कि पूरे मामले में दाल में कुछ काला है। आरोपी रहने वाला तो जौनपुर जिले का है पर एसओ व एसआई दोनों लखनऊ में ही रहते है ऐसे में इनके आवास पर गिरफ्तारी के लिए कोई दबिश नहीं दी गई है।

वारदात के आरोपी थानाध्यक्ष व एसआई की लोकेशन ट्रैस करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में जांच चल रही है जल्द ही धारा बढ़ाई जाएगी। आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

- तौकीर अहमद खान, सीओ हैदरगढ़

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