जिले में हत्या, दुष्कर्म व लूट का सैकड़ा पार
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बाराबंकी। हर मोड़ पर रुक-रुक कर संभलते हैं, इतना डरते हैं कि घर से कम निकलते हैं.... जिले की कानून व्यवस्था की तस्वीर को ये पंक्तियां सामने रखती हैं। यहां कब कोई महिला दुराचारियों की शिकार हो जाए या घर से निकलते ही कब कौन शहरी साथ लुटेरों का शिकार हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। हम आपको डरा नहीं रहे, बल्कि पुलिस अधीक्षक के 19 महीने के कार्यकाल का लेखा-जोखा बता रहे हैं। एसपी अब्दुल हमीद के कार्यकाल में 120 लूट, 162 हत्या, 255 चोरी, 6 डकैती व दुष्कर्म की 105 सनसनीखेज वारदातें हुई हैं, लेकिन शायद ही किसी वारदात का खुलासा कप्तान और इनके झंडा बरदार थानेदारों ने किया हो। पुलिस विभाग के आंकड़ों मेें जिले के थानों मेें जितनी घटनाओं के मुकदमे दर्ज करने की बात कही गई है उससे कहीं ज्यादा मामलों मेें रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। प्रतिदिन चोरी व लूट की वारदातों ने जिले वासियों की रात की नींद व दिन का चैन छीन लिया है।
जिले की चर्चित आपराधिक घटनाएं -
वर्ष 2014
19 जनवरी : देवा मेें किन्नर की हत्या कर लाखों की लूटपाट।
31 जनवरी : मोहम्मदुपरखाला में दो युवकों की हत्या कर शव पेड़ से लटकाए गए।
10 फरवरी : दरियाबाद के मथुरानगर गांव मेें एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या।
3 मार्च : रामनगर में एक टेलीफोन आपरेटर की हत्या।
21 मार्च : सतरिख थाना क्षेत्र के एक गांव मेें प्रेमी युगल की हत्या।
30 मार्च : देवा कोतवाली क्षेत्र में 10 वर्षीय बालिका के साथ दुराचार के बाद गला दबाकर हत्या।
30 मार्च : रामनगर में चौकीदार की सनसनीखेज हत्या।
20 अप्रैल : प्रदेश के वन राज्यमंत्री फरीद महफूज के गनर की हत्या।
3 मई : रामनगर क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर लाखों की लूट।
9 मई : शहर के लखपेड़ाबाग मोहल्ला स्थित स्टेट बैंक की शाखा में लूट का प्रयास।
9 मई : जैदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमी युगल की हत्या।
25 जून : सफदरगंज व कोठी थाना क्षेत्र में 20 लाख की चोरी।
26 जून : फतेहपुर में एक घर में डकैती।
27 जून : देवा कोतवाली क्षेत्र के बिशुनपुर में सर्राफ की गोली मारकर हत्या।
22 अक्टूबर : कोतवाली नगर क्षेत्र में एक बच्ची का अपहरण कर पांच लाख की फिरौती मांगी।
वर्ष 2015 की चर्चित वारदातें -
20 जनवरी : बहराइच के इंजीनियर शिखर की हत्या। मामले में बीएसपी एमएलए का नाम आया।
21 मार्च : मोहम्मदपुर खाला व सतरिख थाना क्षेत्र मेें दो युवकों की हत्या।
1 अप्रैल : रामनगर क्षेत्र में दो हत्याएं।
6 जुलाई: कोठी थाना परिसर में एसओ व एसआई ने महिला को दुष्कर्म के प्रयास के बाद जिंदा जलाया।
खास मकसद के लिए फेंटे गए थानेदार
पुलिस अधीक्षक भले ही अपराध पर अंकुश न लगा पा रहे हों पर उनके कार्यकाल में मलाईदार माने जाने वाले थानों के एसओ ताश के पत्तों की तरह फेंटे गए। आरोप है कि सख्ती बरतने का दिखावा खास मकसद के लिए किया जाता है। थानेदार मलाईदार थाने की कुर्सी पाने के लिए जेब ढीली करते हैं।
सत्तापक्ष के खिलाफ कोई सुनवाई नहीं
कप्तान की जिम्मेदारी तो सभी समस्याओं को दूर करने की होती है लेकिन शिकायत अगर सत्तापक्ष के खिलाफ है तो कोई सुनवाई नहीं हो सकती। इसका ताजा उदाहरण एक विधायक के भाई से जुड़ा है। रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप होने केे बाद भी पुलिस ने कार्रवाई तो दूर विधायक के भाई से पूछताछ तक नहीं की। उल्टे पीड़ित पक्ष को दुनियादारी की बातें समझाई जाने लगीं।
फर्जी मंत्री के मामले में लगे गंभीर आरोप
अहमदपुर टोल प्लाजा पर फायरिंग करने के आरोपी फर्जी मंत्री इकबाल की गिरफ्तारी के मामले में भी कप्तान पर डील करने का आरोप सोशल मीडिया पर छाया रहा, लेकिन बाद में शासन से दबाव पड़ने पर मजबूरन कप्तान को उसे गिरफ्तार करना पड़ा।