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दहेज के लिए विवाहिता को पीटकर घर से निकाला

Sat, 25 Jun 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 25 Jun 2016 11:21 PM IST
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Married to beat out of the house for dowry
दहेज - फोटो : demo pic
विवाहिता को दहेज के लिए डेढ़ माह पहले ससुरालीजनों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। उसके ढाई साल के बच्चे को भी नहीं दिया। पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत नगर कोतवाली में की। लेकिन पुलिस ने मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज किए जाने की बात कहकर टरका दिया। पिछले डेढ़ माह से गदिया चौकी इंचार्ज प्रकरण की जांच कर रहे हैं लेकिन अभी तक वह किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके।
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लखनऊ जनपद के इंदिरानगर के सूगामऊ निवासी करिश्मा पत्नी अनिल ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसकी शादी बाराबंकी के नगर कोतवाली के ग्राम कुम्रौड़ा निवासी अनिल पुत्र रामलखन से हुई थी। शादी से पहले ससुराल वालों ने जितना दहेज तय किया। वह उन्हें दिया गया। लेकिन शादी के बाद ही एक लाख रुपये की मांग और की जाने लगी। इसके लिए पति अनिल कुमार, सास तारावती, ननद ज्योति आदि ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
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बीती 17 मई को ससुराल वालों ने पहले उसे  डंडों से पीटा उसके बाद घर से निकाल दिया। उसके ढाई साल के बेटे को भी जबरिया रोक लिया। पीड़ित करिश्मा ने बताया कि मामले की शिकायत पुलिस में की गई लेकिन मामले की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया गया। गदिया चौकी इंचार्ज पिछले डेढ़ माह से प्रकरण की जांच कर रहे हैं।
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लेकिन अभी तक उनकी यह जांच पूरी नहीं हो सकी। पुलिस पीड़िता के ढाई साल के बच्चे को भी उसे दिलाने का प्रयास नहीं कर रही है। पीड़िता ने बताया कि वह अपने मायके वालों के साथ अपने ससुराल अपने बेटे को ले जाने के लिए आई थी। लेकिन ससुराल वालों ने उसे कमरे में बंद कर दिया। इस पर पीड़िता ने न्यायालय बाल कल्याण समिति में बेटे को दिलाए जाने की गुहार लगाई।


इस पर बाल कल्याण समिति/ न्यायपीठ के सदस्य/ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा ने कोतवाली प्रभारी को पत्र भेज कर प्रकरण की जांच करने, आरोपी अनिल कुमार व मासूम बच्चे को 25 जून को न्यायालय बाल कल्याण समिति में उपस्थित कराए जाने के निर्देश दिए। लेकिन पुलिस की सुस्त चाल के आगे सब बेअसर रहा।
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