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आजम खां का जिला नहीं है साहब ...

Wed, 24 Jun 2015 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 24 Jun 2015 11:23 PM IST
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बाराबंकी। सूबे के कैबिनेट मंत्री व सपा के कद्दावर नेता आजम खान की भैैंसें चोरी होने के मामले में पुलिस ने जिस तरह से कार्रवाई करते हुए मवेशी बरामद कर चोरों को पकड़ा है उसी तरह अन्य पशु चोरी के मामलों में कार्रवाई नहीं की जाती है। एक साधारण आदमी की मवेशी चोरी हो जाए तो थाने में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जाती है। एक गरीब आदमी की 25 से 50 हजार की मवेशी चोरी होना बड़े नुकसान की बात है इससे उनकी रोजी रोटी तक प्रभावित होती है पर उसके बावजूद पुलिस ऐसे मामलों को ही अनदेखा कर देती है। पुलिस आंकड़ों पर गौर करे तो बीते डेढ़ साल में जिले में महज चौदह मवेशी ही चोरी होने का दावा करते हुए इसमें से तेरह को बरामद करने की बात कही जा रही है। जबकि यहां सैकड़ों ऐसे मवेशी है जिनके बारे में न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही उन्हें बरामद किया गया है।

केस एक-

सतरिख कस्बे के रहने वाले मुन्ना वर्मा, लालजी वर्मा, परशुराम यादव के घर के बाहर बंधी मवेशी बीते आठ माह पहले चोरी हो गई थी। इन सभी ने बताया कि जब मवेशी चोरी हुई तो उसके बाद यह सब मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस के पास गए थे पर पुलिस ने यह कहते हुए वापस कर दिया कि मवेशी खोज दी जाएगी और फिर उसके बाद मामला रफा दफा कर दिया गया।

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केस दो-

सतरिख क्षेत्र के बड़ापुरा निवासी रामप्रकाश, गुड्डू, मोहम्मद कलीम आदि ने बताया कि बीते एक साल में इन सभी की एक एक मवेशी घर के बाहर से चोरी हो गई है। सभी मामलों में पुलिस से शिकायत भी हुई पर उसके बावजूद पुलिस ने किसी भी मामले में न तो अभी तक रिपोर्ट दर्ज किया है और न ही कोई मवेशी बरामद हो सकी है। इस बात से यह साफ है कि जिले में अन्य थाना क्षेत्रों में भी चोरी होने वाली मवेशी के मामले में पुलिस किस तरह से कार्रवाई करती होगी।

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घरों में चल रहे स्लाटर हाउस

जिले में कुर्सी थाना क्षेत्र में स्थित अमरून फैक्ट्री में जहां प्रतिदिन सैकड़ों मवेशी काटे जाते है। वहीं सफदरगंज, जैदपुर, रामसनेहीघाट, दरियाबाद, टिकैतनगर, लोनीकटरा, सुबेहा, मसौली, रामनगर, फतेहपुर समेत कोई भी थाना क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां पर घर के अंदर स्लाटर हाउस न चल रहे हों। पुलिस की मिलीभगत से चल रहे इस कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

पुलिस आंकड़ों मेें चौदह मवेशी चोरी होना दर्ज

जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में बीते डेढ़ साल में महज चौदह मवेशी चोरी हुई है और इनमें से तेरह की बरामदगी हो चुकी है। यह बात पुलिस विभाग के आंकड़ों में दर्ज है। जबकि हकीकत इसके उलट ही होगी जिले में डेढ़ साल मेें एक सैकड़ा से भी ऊपर मवेशी चोरी हुई हैं जिनका पता नहीं लग सका है। ऐसे में यह बात साफ है कि थानों की पुलिस मवेशी चोरी के मामले मेें कार्रवाई करने में किस हद तक लापरवाही बरतती है।

मवेशी चोरी होने के किसी भी मामले में रिपोर्ट दर्ज कर मवेशी बरामद करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामलों में यदि कहीं किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही मिलेगी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

- अब्दुल हमीद, एसपी

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