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जांच में चार दवाओं के नमूने हुए फेल
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 24 Apr 2017 11:47 PM IST
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जांच को भेजी गई चार दवाओं के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनकी पैकिंग और लेवलिंग मानक के विपरीत पाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद औषधि निरीक्षक ने इन मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ ही दवा बनाने वाली कंपनियों को भी नोटिस भेजते हुए जवाब तलब किया है।
शहर स्थित आभा मेडिकल स्टोर से औषधि निरीक्षक ओपी यादव ने अलग-अलग निरीक्षण में एमाक्सीसिलीन कैप्सूल और ओमे डी कैप्सूल का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया था। लैब विश्लेषक विनय कुमार और राकेश कुमार की भेजी गई जांच रिपोर्ट में लिखा है कि कैप्सूल में जो कलर मिला गया है।
इसका जिक्र लेवलिंग और पैकेजिंग पर कहीं दर्ज नहीं किया गया है। इसके अलावा छाया चौराहा स्थित अर्पित मेडिकल स्टोर से भरा गया इप्जोल डी कैप्सूल का नमूना भी जांच में फेल हो गया है। विश्लेषकों ने बताया है कि इसमें भी जो कलर मिलाया गया है वह किस प्रकार का है इसका जिक्र पैकिंग पर नहीं किया गया है।
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वहीं बारिनबाग स्थित जायसवाल मेडिकल स्टोर से भरा गया पीरासिटम कैप्सूल भी जांच में फेल हो गई है। इसमें भी कलर किस प्रकार का मिलाया गया है इसका जिक्र नहीं किया गया है। लैब विश्लेषकों ने अपनी जांच रिपोर्ट औषधि निरीक्षक को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी है।
जांच के दौरान जिन चार दवाओं के नमूने भेजे गए थे वह मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। लैब विश्लेषकों की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ ही दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस भेज जवाब तलब किया गया है। इनमें से कोई भी दवा किसी ब्रांडेड कंपनी की नहीं है। -ओपी यादव, औषधि निरीक्षक
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शहर स्थित आभा मेडिकल स्टोर से औषधि निरीक्षक ओपी यादव ने अलग-अलग निरीक्षण में एमाक्सीसिलीन कैप्सूल और ओमे डी कैप्सूल का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा गया था। लैब विश्लेषक विनय कुमार और राकेश कुमार की भेजी गई जांच रिपोर्ट में लिखा है कि कैप्सूल में जो कलर मिला गया है।
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इसका जिक्र लेवलिंग और पैकेजिंग पर कहीं दर्ज नहीं किया गया है। इसके अलावा छाया चौराहा स्थित अर्पित मेडिकल स्टोर से भरा गया इप्जोल डी कैप्सूल का नमूना भी जांच में फेल हो गया है। विश्लेषकों ने बताया है कि इसमें भी जो कलर मिलाया गया है वह किस प्रकार का है इसका जिक्र पैकिंग पर नहीं किया गया है।
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वहीं बारिनबाग स्थित जायसवाल मेडिकल स्टोर से भरा गया पीरासिटम कैप्सूल भी जांच में फेल हो गई है। इसमें भी कलर किस प्रकार का मिलाया गया है इसका जिक्र नहीं किया गया है। लैब विश्लेषकों ने अपनी जांच रिपोर्ट औषधि निरीक्षक को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी है।
जांच के दौरान जिन चार दवाओं के नमूने भेजे गए थे वह मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। लैब विश्लेषकों की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ ही दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस भेज जवाब तलब किया गया है। इनमें से कोई भी दवा किसी ब्रांडेड कंपनी की नहीं है। -ओपी यादव, औषधि निरीक्षक