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950 मतदान केंद्र पर पुलिस की पैनी नजर

Wed, 19 Aug 2015 11:20 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 19 Aug 2015 11:20 PM IST
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पंचायत चुनाव के तैयारियों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जिला और पुलिस प्रशासन सभी मतदान केंद्रों का जायजा लेकर संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की व्यवस्था करने में लगे हैं। इस बार कुल 1344 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। इसमें 950 मतदान केंद्रों पर पुलिस की खास नजर है। क्योंकि ये सभी अतिसंवेदनशील और संवेदनशील की श्रेणी में आते हैं। पिछले चुनावों के दौरान हुई हिंसक वारदातों से सबक लेते हुए पुलिस इस बार कोई चांस नहीं लेना चाहती।
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जैसे-जैसे पंचायत चुनाव की तारीख पास आती जा रही है। पुलिस प्रशासन भी अपनी तैयारियों में लग गया है। पंचायत चुनाव के लिए पुलिस व प्रशासन के द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 1344 मतदान केंद्र पर वोटिंग होगी। इन मतदान केंद्रों में 461 मतदान केंद्र अति संवेदनशील जबकि 489 मतदान केंद्र  संवेदनशील हैं। 394 मतदान केंद्र को सामान्य की श्रेणी में रखा गया है।
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इन सभी मतदान केंद्रों पर अब पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। बताते चलें कि वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव के तर्ज पर पुलिस मतदान केेंद्रों की पड़ताल कर रही है । इन सभी गड़बड़ी वाले मतदान केंद्रों पर जाकर पुलिस यहां के लोगों से संपर्क कर चुनाव के दौरान बेहतर माहौल बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
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15 बिंदुओं पर काम कर रही पुलिस
पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर पुलिस द्वारा जिन 15 बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। उसमें नवसृजित ग्राम पंचायतों में का भौतिक सत्यापन, प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य के संभावित प्रत्याशियों की संवेदनशीलता की पड़ताल करना, संवदेनशीलता को देखते हुए बीते पंचायत चुनावों में हुई घटनाओं की जानकारी कर संबंधित गांवों में आपराधिक प्रवृत्ति लोगों पर नजर, मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियां जाने व मतपेटियां लेकर लौटने के लिए रूट चार्ट व सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करना आदि प्रमुख हैं।

पंचायत चुनाव में हो चुकी हिंसक वारदातें
पंचायत चुनावों को लेकर पुलिस प्रशासन की सजगता बेवजह नहीं है। वर्ष 1995 में विकास खंड सिरौलीगौसपुर की ग्राम पंचायत डेखवामाफी में पंचायत चुनाव में वोट डलवाने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई और गोली चली जिसमें कोठी डीहा थाना बदोसरांय निवासी बब्बू सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी।

वर्ष 2000 में घाघरा नदी के पार बांस गांव पहुंचने के लिए बहराइच व गोंडा होकर पुलिस व प्रशासनिक टीमें  चुनाव कराने प्रत्येक चुनाव में जाती है। मतदान के दिन तत्कालीन नायब तहसीलदार व स्टेटिक मजिस्ट्रेट संजय यादव की जमकर पिटाई की गई और उपद्रिवों द्वारा मतपेटी में पानी डाल दिया गया और सरकारी जीप में आग लगा दी गई थी।

वहीं, सितंबर 2010 में कोतवाली नगर के बड़ेल ग्राम पंचायत के प्रधान पद के प्रत्याशी जीतू मिश्रा व जयबीर सिंह को चुनाव के पहले गोलियों से भून दिया गया था। दोहरे हत्याकांड के पीछे रंजिश महज पंचायत चुनाव की ही थी जिसमें प्रधान पद के प्रत्याशी राजू सिंह समेत 9 लोगों को जेल भेजा गया था।  

 सपा के पूर्व विधायक की हत्या
वर्ष 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष के मतदान के दिन सपा के पूर्व विधायक हरदेव रावत की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसमें अध्यक्ष प्रत्याशी शीला सिंह के पति सुरेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा, दिनेश वैश्य व उनके आधा दर्जन अन्य समर्थकों को नामजद किया गया था। हालांकि यह सभी बाद में कोर्ट से दोष मुक्त हो गए।

इस बार भी अब तक हो चुकी दो हत्याएं
इस बार अभी पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू होते ही चुनावी रंजिश में जिले में दो हत्या की वारदातें हो चुकी है। हाल ही कोठी थाना क्षेत्र के मंझियांवा गांव में मौजूदा प्रधान निजामुद्दीन ने समर्थकों के साथ मिलकर पूर्व प्रधान के भतीजे यार मोहम्मद की हत्या कर दी। इसी प्रकार एक सप्ताह पूर्व कुर्सी थाना क्षेत्र के बसारा गांव में चुनावी रंजिश के चलते श्रीकेशन की हत्या हो चुकी है।

इस बार 1169 ग्राम पंचायतों का होगा गठन
जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या पहले जहां 1002 थी। वहीं, बढ़कर 1169 हो गई है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार 167 प्रधान ज्यादा होंगे। इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत की सीटें 1214 से बढ़कर 1458 हो गई हैं और जिला पंचायत की सीटें 49 से बढ़कर 58 हो गई हैं। पंचायत चुनाव सितंबर और अक्टूबर माह में होने के आसार हैं। प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत पद के संभावित दावेदार अभी से ही कसरत करने लगे हैं।


एसडीएम और सीओ ने की समीक्षा
पंचायत चुनाव में किसी प्रकार का माहौल खराब न होने पाए इसके लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कसरत शुरू कर दिया है। बुधवार को एसडीएम सदर नीलम यादव, सीओ सिटी राजेश सिंह व देवा कोतवाल मनोज पंत ने देवा ब्लाक क्षेत्र के अति संवेदनशील गांव गंगवारा, बरेठी, शाहपुर व कुशुंभा में पहुंचकर वहां पर ग्रामीणों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने यहां पर बवाली किस्म के लोगों की पड़ताल के साथ ही ग्रामीणों से कहा कि वह शांति पूर्ण तरीके से पंचायत चुनाव की प्रक्रिया निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।


पंचायत चुनाव के लिए जितने भी मतदान केंद्र व मतदेय स्थल है वहां पर पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के लिए 1344 मतदान केंद्र में 3261  मतदेय स्थल बनाए गए है। इनमें 461 मतदान केंद्र अति संवेदनशील व 489 संवेदनशील है।
- शफीक अहमद, एएसपी दक्षिणी
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