{"_id":"57e8135d4f1c1bf50a573e5b","slug":"72-lakh-swindle-from-500-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"500 लोगों से 72 लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
500 लोगों से 72 लाख की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:41 PM IST
विज्ञापन
rupee shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक जालसाज ने 18 माह में रुपये दोगुने करने का झांसा दे करीब 500 लोगों के करीब 72 लाख रुपये से अधिक ठग लिए। ठग ने एक कंपनी बनाकर यह काम किया। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लखनऊ में भी कार्यालय खोला और कई एजेंट भर्ती किए।
उधर, कुछ महीने से कमीशन न मिलने पर एजेंटों ने कंपनी संचालक को खोजा तो उसका पता नहीं चला। कार्यालय में भी ताला पड़ा मिला। इसके बाद कंपनी में काम कर रहे एजेंटों ने कंपनी संचालक कैलाश मौर्य के खिलाफ थानगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई।
थानगांव के ग्राम लिलौती निवासी कैलाश मौर्य ने बाराबंकी के देवा में सरांय इंटर प्राइजेज नाम की एक कंपनी खोली। यह कंपनी 18 माह में रकम दोगुनी करती थी। लोगों को जाल में फंसाने के लिए ठग ने लखनऊ में एलडीए कॉलोनी के निकट भी एक कार्यालय बनाया।
विज्ञापन
इस कंपनी में जालसाज ने बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम समरदहा निवासी ओमकार, नवाबगंज के मलई निवासी सोनापती, जितेंद्र कुमार, देवा के बरेठी निवासी बलराम व चंद्रशेखर, कुर्सी थाना क्षेत्र के ग्राम धरेनी निवासी मालती देवी, जैतपुर के रामपुर निवासी रंजीत सिंह को एजेंट बनाया।
कंपनी में खाता खुलवाने के एवज में मोटा कमीशन व मानदेय के लालच में इन लोगों ने कंपनी की स्कीम समझाकर क्षेत्र के 500 से अधिक लोगों के पैसे जमा कराए।
कुछ ही दिनों में कंपनी में करीब 500 से अधिक लोगों के खाते खुल गए। उधर, रुपये जमा होने के बाद जब एजेंटों को कमीशन नहीं मिला तो सभी उसकी तलाश में जुट गए लेकिन कैलाश का पता नहीं चला। एजेंटों ने बताया कि कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोग उससे लगातार तगादा कर रहे हैं।
एक एजेंट ने बताया कि जालसाज कैलाश एक दिन लखनऊ में ही मिल गया, तब उसने सभी एजेंटों को तत्काल 50-50 हजार रुपये का चेक काटकर दे दिया। एजेंटों ने चेक लगाईं, तो वह बाउंस हो गए। पता चला कि जिस खाते का नंबर था, उसमें पैसा ही नहीं है। जिसके बाद पीड़ितों ने थानगांव थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों से कंपनी में करीब 72 लाख रुपये से अधिक जमा कराए हैं। करीब एक साल तो सब ठीक चला, लेकिन इसी बीच कैलाश मौर्य कार्यालय में ताला लगाकर भाग गया। अब तक उसका पता नहीं चल सका है। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कैलाश मौर्या को तलाशा जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
उधर, कुछ महीने से कमीशन न मिलने पर एजेंटों ने कंपनी संचालक को खोजा तो उसका पता नहीं चला। कार्यालय में भी ताला पड़ा मिला। इसके बाद कंपनी में काम कर रहे एजेंटों ने कंपनी संचालक कैलाश मौर्य के खिलाफ थानगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
थानगांव के ग्राम लिलौती निवासी कैलाश मौर्य ने बाराबंकी के देवा में सरांय इंटर प्राइजेज नाम की एक कंपनी खोली। यह कंपनी 18 माह में रकम दोगुनी करती थी। लोगों को जाल में फंसाने के लिए ठग ने लखनऊ में एलडीए कॉलोनी के निकट भी एक कार्यालय बनाया।
विज्ञापन
इस कंपनी में जालसाज ने बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम समरदहा निवासी ओमकार, नवाबगंज के मलई निवासी सोनापती, जितेंद्र कुमार, देवा के बरेठी निवासी बलराम व चंद्रशेखर, कुर्सी थाना क्षेत्र के ग्राम धरेनी निवासी मालती देवी, जैतपुर के रामपुर निवासी रंजीत सिंह को एजेंट बनाया।
कंपनी में खाता खुलवाने के एवज में मोटा कमीशन व मानदेय के लालच में इन लोगों ने कंपनी की स्कीम समझाकर क्षेत्र के 500 से अधिक लोगों के पैसे जमा कराए।
कुछ ही दिनों में कंपनी में करीब 500 से अधिक लोगों के खाते खुल गए। उधर, रुपये जमा होने के बाद जब एजेंटों को कमीशन नहीं मिला तो सभी उसकी तलाश में जुट गए लेकिन कैलाश का पता नहीं चला। एजेंटों ने बताया कि कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोग उससे लगातार तगादा कर रहे हैं।
एक एजेंट ने बताया कि जालसाज कैलाश एक दिन लखनऊ में ही मिल गया, तब उसने सभी एजेंटों को तत्काल 50-50 हजार रुपये का चेक काटकर दे दिया। एजेंटों ने चेक लगाईं, तो वह बाउंस हो गए। पता चला कि जिस खाते का नंबर था, उसमें पैसा ही नहीं है। जिसके बाद पीड़ितों ने थानगांव थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों से कंपनी में करीब 72 लाख रुपये से अधिक जमा कराए हैं। करीब एक साल तो सब ठीक चला, लेकिन इसी बीच कैलाश मौर्य कार्यालय में ताला लगाकर भाग गया। अब तक उसका पता नहीं चल सका है। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कैलाश मौर्या को तलाशा जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।