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टावर सुपरवाइजर हत्याकांड में अज्ञात के खिलाफ केस, पत्नी के बेटों पर हत्या का शक
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:46 AM IST
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पत्नी के बेटों पर घूमी शक की सूई
टावर सुपरवाइजर हत्याकांड में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज
- मृतक के मोबाइल फोन काल डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस
- शहर कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। शहर के गांधी नगर मोहल्ले में मोबाइल टावर सुपरवाइजर की हत्या के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस की जांच में मृतक की पत्नी के बेटों पर हत्या के शक की सुई घूमने लगी है। पत्नी के बेटे का फोन बंद होना व घर से भाग जाना भी उन्हें आरोपी होना बता रही है। मृतक के मोबाइल काल डिटेल के आधार पर भी पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में लगी है। शनिवार को शव पोस्टमार्टम होने के बाद परिवारीजन उसे जौनपुर लेकर गए हैं।
बताते चलें कि शहर के गांधी नगर मोहल्ला निवासी एक कंपनी के मोबाइल टावर के सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह पुत्र अर्जुन सिंह की शुक्रवार की रात घर में ही चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक मूलरूप से जौनपुर जिले के ग्राम कसियापुर थाना सटपटहा के रहने वाला था। शनिवार को पहुंचे मृतक के पिता अर्जुन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
पत्नी बनी प्रेमलता को भगा कर लाया था नरेंद्र
शहर कोतवाल दिनेश सिंह ने बताया कि मृतक नरेंद्र सिंह ने करीब सात साल पहले पड़ोस के एक गांव की रहने वाली प्रेमलता को भगाकर लाया था। प्रेमलता के पहले पति से दो बेटे दीपक उर्फ विजय व तनु है। इस बीच प्रेमलता नरेंद्र के साथ यहां गांधी नगर में रहती थी लेकिन उसके बेटों को मां का प्रेम संबंध रास नहीं आ रहा था।
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नरेंद्र के खिलाफ दर्ज हैं आठ मुकदमे
कोतवाल ने बताया कि मृतक नरेंद्र सिंह के खिलाफ जौनपुर जिले में हत्या का प्रयास, मारपीट आदि मामलों में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह मुकदमे करीब दस साल पहले के बताए जा रहे हैं। हालांकि इस समय करीब कई सालों से नरेंद्र का नाम किसी भी अपराधिक मामले में नहीं आया है।
पत्नी के बेटे से दिन में हुई थी बात
मृतक की पत्नी प्रेमलता ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे दीपक उर्फ विजय व तनु बाराबंकी घर आते रहते थे। यह दोनों नरेंद्र सिंह के काम मेें भी साथ देते थे। पत्नी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह जब वह अपने रिश्तेदारी आजमगढ़ जाने के लिए निकली थी तो एक बेटा विजय घर पर था। इसके बाद दोपहर के समय पड़ोसियों ने भी नरेंद्र के साथ छत पर दो युवकों को देखने की बात कही है। इस बीच पुलिस ने जब नरेंद्र की फोन काल डिटेल निकाली तो शुक्रवार को दिन में करीब तीन बजे उसकी बात विजय से होना पाया गया है। वारदात के बाद से विजय लापता है और उसका फोन भी बंद है। ऐसे में पुलिस आशंका जता रही है कि मां को भगाने का बदला लेने के लिए बेटों ने ही नरेंद्र को मौत के घाट उतारा है।
टावर सुपरवाइजर हत्याकांड में उसकी पत्नी के बेटों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। अभी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। मृतक की पत्नी व परिवारीजनों से पूछताछ के साथ अन्य पहलुओं पर भी नजर है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
- आरएन सिंह, सीओ सिटी
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टावर सुपरवाइजर हत्याकांड में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज
- मृतक के मोबाइल फोन काल डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस
- शहर कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। शहर के गांधी नगर मोहल्ले में मोबाइल टावर सुपरवाइजर की हत्या के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस की जांच में मृतक की पत्नी के बेटों पर हत्या के शक की सुई घूमने लगी है। पत्नी के बेटे का फोन बंद होना व घर से भाग जाना भी उन्हें आरोपी होना बता रही है। मृतक के मोबाइल काल डिटेल के आधार पर भी पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में लगी है। शनिवार को शव पोस्टमार्टम होने के बाद परिवारीजन उसे जौनपुर लेकर गए हैं।
बताते चलें कि शहर के गांधी नगर मोहल्ला निवासी एक कंपनी के मोबाइल टावर के सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह पुत्र अर्जुन सिंह की शुक्रवार की रात घर में ही चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक मूलरूप से जौनपुर जिले के ग्राम कसियापुर थाना सटपटहा के रहने वाला था। शनिवार को पहुंचे मृतक के पिता अर्जुन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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पत्नी बनी प्रेमलता को भगा कर लाया था नरेंद्र
शहर कोतवाल दिनेश सिंह ने बताया कि मृतक नरेंद्र सिंह ने करीब सात साल पहले पड़ोस के एक गांव की रहने वाली प्रेमलता को भगाकर लाया था। प्रेमलता के पहले पति से दो बेटे दीपक उर्फ विजय व तनु है। इस बीच प्रेमलता नरेंद्र के साथ यहां गांधी नगर में रहती थी लेकिन उसके बेटों को मां का प्रेम संबंध रास नहीं आ रहा था।
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नरेंद्र के खिलाफ दर्ज हैं आठ मुकदमे
कोतवाल ने बताया कि मृतक नरेंद्र सिंह के खिलाफ जौनपुर जिले में हत्या का प्रयास, मारपीट आदि मामलों में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह मुकदमे करीब दस साल पहले के बताए जा रहे हैं। हालांकि इस समय करीब कई सालों से नरेंद्र का नाम किसी भी अपराधिक मामले में नहीं आया है।
पत्नी के बेटे से दिन में हुई थी बात
मृतक की पत्नी प्रेमलता ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे दीपक उर्फ विजय व तनु बाराबंकी घर आते रहते थे। यह दोनों नरेंद्र सिंह के काम मेें भी साथ देते थे। पत्नी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह जब वह अपने रिश्तेदारी आजमगढ़ जाने के लिए निकली थी तो एक बेटा विजय घर पर था। इसके बाद दोपहर के समय पड़ोसियों ने भी नरेंद्र के साथ छत पर दो युवकों को देखने की बात कही है। इस बीच पुलिस ने जब नरेंद्र की फोन काल डिटेल निकाली तो शुक्रवार को दिन में करीब तीन बजे उसकी बात विजय से होना पाया गया है। वारदात के बाद से विजय लापता है और उसका फोन भी बंद है। ऐसे में पुलिस आशंका जता रही है कि मां को भगाने का बदला लेने के लिए बेटों ने ही नरेंद्र को मौत के घाट उतारा है।
टावर सुपरवाइजर हत्याकांड में उसकी पत्नी के बेटों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। अभी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। मृतक की पत्नी व परिवारीजनों से पूछताछ के साथ अन्य पहलुओं पर भी नजर है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
- आरएन सिंह, सीओ सिटी