{"_id":"62547cd542deb644fd7ce65c","slug":"crime-barabanki-news-lko6256987147","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम न करने वाली फर्म को कर दिया भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम न करने वाली फर्म को कर दिया भुगतान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। ग्राम पंचायत में निर्माण सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म की जगह दूसरी फर्म के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान कर सचिव ने धन हड़प कर लिया। प्रधान ने यह आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी से लिखित शिकायत की है।
ब्लॉक के माहीउद्दीन सरांय ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय के निर्माण कराया गया था। निर्माण सामग्री की आपूर्ति सुबेहा कस्बा की फर्म ने की थी। निर्माण में लगी ईंट व मजदूरी आदि का भुगतान हुआ लेकिन सरिया व अन्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्म को रुपया नहीं मिला।
इसी बीच ग्राम पंचायत अधिकारी का हलका बदल गया और गांव में ग्राम पंचायत सचिव हर्षित की तैनाती कर दी गई। प्रधान पुत्र ने बताया कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्म को रुपया नहीं मिलने पर एडीओ पंचायत कार्यालय में शौचालय के लिए भुगतान की जानकारी की तो मामला उजागर हुआ। पंचायत सचिव ने अन्य फर्म के नाम पर करीब 86 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि इस फर्म ने कोई काम नहीं किया था।
विज्ञापन
यही नहीं तीन नल रीबोर कराए गए थे जिसका करीब 78 हजार रुपये इसी फर्म को भुगतान किया गया है। प्रधान शिवलली ने बीडीओ को दिए शिकायती पत्र में मामले की जांच कर बकाया भुगतान कराने व जालसाजी करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। बीडीओ आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के लिए अधिकारी नामित किया जाएगा। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ब्लॉक के माहीउद्दीन सरांय ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय के निर्माण कराया गया था। निर्माण सामग्री की आपूर्ति सुबेहा कस्बा की फर्म ने की थी। निर्माण में लगी ईंट व मजदूरी आदि का भुगतान हुआ लेकिन सरिया व अन्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्म को रुपया नहीं मिला।
विज्ञापन
इसी बीच ग्राम पंचायत अधिकारी का हलका बदल गया और गांव में ग्राम पंचायत सचिव हर्षित की तैनाती कर दी गई। प्रधान पुत्र ने बताया कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्म को रुपया नहीं मिलने पर एडीओ पंचायत कार्यालय में शौचालय के लिए भुगतान की जानकारी की तो मामला उजागर हुआ। पंचायत सचिव ने अन्य फर्म के नाम पर करीब 86 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि इस फर्म ने कोई काम नहीं किया था।
विज्ञापन
यही नहीं तीन नल रीबोर कराए गए थे जिसका करीब 78 हजार रुपये इसी फर्म को भुगतान किया गया है। प्रधान शिवलली ने बीडीओ को दिए शिकायती पत्र में मामले की जांच कर बकाया भुगतान कराने व जालसाजी करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। बीडीओ आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के लिए अधिकारी नामित किया जाएगा। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।