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एसपी से दरोगा की शिकायत की तो पीड़ित के चाचा व पिता को हवालात में डाला
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कोठी (बाराबंकी)। असंद्रा थाने में तैनात एक दरोगा की एसपी से शिकायत करना युवक को काफी महंगा पड़ गया। शिकायत करने से नाराज दरोगा ने पीड़ित के पिता व उसके चाचा को घर से उठाकर हवालात में डाल दिया।
मामला असंद्रा थाना के ऊंचे का पुरवा मजरे टांडा से जुड़ा है। बीते 16 जुलाई की रात गांव के दयानंद शुक्ल समेत कई अन्य लोगों के घरों में चोरी की घटना हुई थी। इसका मुकदमा असंद्रा थाने में दर्ज हुआ था। इस मामले की विवेचना हल्का इंचार्ज दीपेंद्र कुमार मिश्र को सौंपी गई।
पीड़ित दयानंद ने विवेचक से मिलकर गांव के ही एक व्यक्ति पर घटना को अंजाम देने का शक जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन विवेचक ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उल्टे पीड़ित को ही धमकाने लगे। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर दो दिनों पूर्व पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर विवेचक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
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एसपी ने शिकायत को काफी गंभीरता से लिया और सीओ रामसनेहीघाट को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। शिकायत से नाराज दरोगा ने बुधवार रात पीड़ित के घर दबिश देकर उसके पिता रामधीरज शुक्ल और चाचा निर्मल कुमार को पकड़कर थाने ले आई और हवालात में डाल दिया।
उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर दोपहर के समय रामधीरज को तो पुलिस ने छोड़ दिया लेकिन निर्मल कुमार और उसे खाना देने गए उसके पुत्र अमृतलाल को पुलिस ने थाने पर रोक रखा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी यमुना प्रसाद का कहना है कि मामले में जांच कर उचित कार्रवाई होगी।
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मामला असंद्रा थाना के ऊंचे का पुरवा मजरे टांडा से जुड़ा है। बीते 16 जुलाई की रात गांव के दयानंद शुक्ल समेत कई अन्य लोगों के घरों में चोरी की घटना हुई थी। इसका मुकदमा असंद्रा थाने में दर्ज हुआ था। इस मामले की विवेचना हल्का इंचार्ज दीपेंद्र कुमार मिश्र को सौंपी गई।
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पीड़ित दयानंद ने विवेचक से मिलकर गांव के ही एक व्यक्ति पर घटना को अंजाम देने का शक जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन विवेचक ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उल्टे पीड़ित को ही धमकाने लगे। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर दो दिनों पूर्व पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर विवेचक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
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एसपी ने शिकायत को काफी गंभीरता से लिया और सीओ रामसनेहीघाट को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। शिकायत से नाराज दरोगा ने बुधवार रात पीड़ित के घर दबिश देकर उसके पिता रामधीरज शुक्ल और चाचा निर्मल कुमार को पकड़कर थाने ले आई और हवालात में डाल दिया।
उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर दोपहर के समय रामधीरज को तो पुलिस ने छोड़ दिया लेकिन निर्मल कुमार और उसे खाना देने गए उसके पुत्र अमृतलाल को पुलिस ने थाने पर रोक रखा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी यमुना प्रसाद का कहना है कि मामले में जांच कर उचित कार्रवाई होगी।