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सात हजार कर्मचारियों को नहीं लगा कोरोना का टीका
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बाराबंकी। कोरोना महामारी से बचाव के लिए हर कोई कोविड का टीका लगवाने के लिए परेशान है। लेकिन सरकारी विभागों में कार्यरत करीब सात हजार कर्मचारी टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। यहीं नहीं जिन लोगों ने पहली खुराक ले ली है, वह दूसरी खुराक लेने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि, तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। तीसरी लहर आए इससे पहले वह हर किसी को टीकाकरण करा लेना चाहती है लेकिन सरकारी विभागों में कार्य करने वाले कर्मचारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जबकि, जिले में 22 लाख में से 15 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 35 हजार के आसपास है। इनमें से अभी तक महज 28 हजार कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगाया जा सका है। सात हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो कोरोना का टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं 13 हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो दूसरी खुराक लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। विभाग की माने तो इसके लिए वह लगातार प्रयासरत है और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम बराबर विभागों से संपर्क भी कर रही है और जो लोग टीकाकरण से वंचित हैं उन्हें टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही हैं। इसके बाद भी कर्मचारी टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। यहीं नहीं जिन लोगों ने पहली खुराक ले ली है वह अब दूसरी डोज लगवाने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि, सरकार की मंशा है कि तीसरी लहर आए इससे पहले वह सभी लोगों का टीकाकरण करा लेना चाहती है। इसके लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है इसके बाद भी लोग टीका लगवाने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
केंद्रों पर सुबह से लग जाती लोगों की भीड़
जिले में करीब 22 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाना है जिसके सापेक्ष 15 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। कोरोना का टीका लगवाने के लिए सुबह से ही केंद्रों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइने लग जाती है और लोग घंटों लाइन में लग अपनी बारी का इंतजार तक करते रहते हैं। यहां तक पहले टीका लगवाने के लिए लोग आपस में विवाद तक कर लेते हैं। एक समय था कि पहले लोग टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखाते थे। यदि टीकाकरण के लिए टीम गांव पहुंच भी जाती थी तो लोग गांव छोड़कर गांव के बाहर चले जाते थे। लेकिन समय से साथ लोगों की सोच भी बदली है परन्तु सरकारी कर्मचारियों में इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।
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जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 35 हजार के आसपास है। अभी तक 28 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। जिन कर्मचारियों को किसी कारणवश टीका नहीं लग सका है उन्हें टीका लगवाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। जो लोग दूसरी डोज नहीं लगवा रहे है उनसे अपील की जाती है कि वह दूसरी खुराक अवश्य ले लें क्योंकि कोरोना से बचाव का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका टीकाकरण ही है। - डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग की माने तो जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 35 हजार के आसपास है। इनमें से अभी तक महज 28 हजार कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगाया जा सका है। सात हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो कोरोना का टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं 13 हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो दूसरी खुराक लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। विभाग की माने तो इसके लिए वह लगातार प्रयासरत है और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम बराबर विभागों से संपर्क भी कर रही है और जो लोग टीकाकरण से वंचित हैं उन्हें टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही हैं। इसके बाद भी कर्मचारी टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। यहीं नहीं जिन लोगों ने पहली खुराक ले ली है वह अब दूसरी डोज लगवाने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि, सरकार की मंशा है कि तीसरी लहर आए इससे पहले वह सभी लोगों का टीकाकरण करा लेना चाहती है। इसके लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है इसके बाद भी लोग टीका लगवाने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
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केंद्रों पर सुबह से लग जाती लोगों की भीड़
जिले में करीब 22 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाना है जिसके सापेक्ष 15 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। कोरोना का टीका लगवाने के लिए सुबह से ही केंद्रों पर लोगों की लंबी-लंबी लाइने लग जाती है और लोग घंटों लाइन में लग अपनी बारी का इंतजार तक करते रहते हैं। यहां तक पहले टीका लगवाने के लिए लोग आपस में विवाद तक कर लेते हैं। एक समय था कि पहले लोग टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखाते थे। यदि टीकाकरण के लिए टीम गांव पहुंच भी जाती थी तो लोग गांव छोड़कर गांव के बाहर चले जाते थे। लेकिन समय से साथ लोगों की सोच भी बदली है परन्तु सरकारी कर्मचारियों में इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।
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जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 35 हजार के आसपास है। अभी तक 28 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। जिन कर्मचारियों को किसी कारणवश टीका नहीं लग सका है उन्हें टीका लगवाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। जो लोग दूसरी डोज नहीं लगवा रहे है उनसे अपील की जाती है कि वह दूसरी खुराक अवश्य ले लें क्योंकि कोरोना से बचाव का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका टीकाकरण ही है। - डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ