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Barabanki News: बच्चों के बस्ते ने बढ़ाया अभिभावकों की जेब पर बोझ

Sun, 13 Apr 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 13 Apr 2025 12:49 AM IST
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Children's bags increased the burden on parents' pockets
बाराबंकी। नए शिक्षा सत्र में खुले स्कूलों में भारी हुए बच्चों के बस्ते ने अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। निजी विद्यालय संचालक मनमानी फीस के साथ ही कॉपी-किताबों व स्कूल ड्रेस के नाम पर भी अभिभावकों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर रोक न लगाने के लिए जिला स्तर पर गठित टीम के क्रियाशील न होने से अभिभावक चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे।
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शहर के हाजाराबाग की निवासी शिखा श्रीवास्तव ने बताया कि कचहरी के निकट स्थित एक विद्यालय में उनकी पुत्री कक्षा सात व पुत्र कक्षा तीन में पढ़ता है। स्कूल संचालक दो-दो माह की फीस एक साथ जमा करा रहे हैं। पिछले साल कक्षा छह में पुत्री की दो माह की फीस 8300 रुपये थी जो इस बार कक्षा सात की बढ़कर 9183 रुपये हो गई है। पुत्र की कक्षा दो की फीस भी 6300 से बढ़ाकर कक्षा तीन में 8672 कर दी गई है। दोनों की कॉपी-किताबें भी 14,500 रुपये की आई।
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इसी तरह सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र कोटवाधाम के एक निजी स्कूल में अपनी पुत्री को पढ़ाने वाले रामू ने बताया कि पिछले वर्ष नर्सरी की फीस 900 रुपये प्रतिमाह थी जो कक्षा एक में 1200 हो गई है। पिछले साल 25 सौ में मिली कॉपी-किताबें इस बार स्कूल से ही चार हजार रुपये में खरीदनी पड़ी।
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सैदनपुर के निकट विद्यालय में अपने बच्चे को पढ़ाने वाले अनिल यादव ने बताया कि स्कूल से उन्हें विशेष प्रकाशन की महंगी कॉपी, किताब व ड्रेस खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है।
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