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मेंथा टंकी फटने से बच्ची की मौत, पिता गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:50 PM IST
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रोते परिवारीजन
- फोटो : अमर उजाला
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मेंथा पेराई में प्रयोग की जा रही मानक विहीन टंकियों से आए दिन किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं। शनिवार सुबह मजदूरी करने गया एक किसान व उसकी मासूम बेटी टंकी फटने से गंभीर रूप से झुलस गए।
दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल से लखनऊ के सिविल अस्पताल भेजा गया जहां मासूम बच्ची की मौत हो गई और पिता की भी हालत गंभीर बनी हुई है।
शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में टंकी फटने से दो किशोरियों की भी मौत हो चुकी है। बावजूद इसके प्रशासन मानक विहीन बन रही टंकियों की जांच करना उचित नहीं समझ रहा है।
दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सुल्तानीपुरवा निवासी जगमोहन शनिवार को गांव के ही वंशराज के यहां मजदूरी पर मेंथा पेराई करने के लिए गया हुआ था। उसके साथ उसकी छह साल की बेटी ज्योति भी जिद करके गई थी। सुबह करीब नौ बजे जगमोहन टंकी में ईंधन की झोंकाई का कार्य कर रहा था और उसकी बेटी उसके पास बैठी थी।
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अचानक तेज आवाज के साथ टंकी में विस्फोट हुआ और खौलता पानी व गर्म फसल के नीचे दोनों दब गए। आस-पास मौजूद लोग जब तक दोनों को बचाते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे। आननफानन सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत देख बाप-बेटी को सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान ही मासूम की मौत हो गई और पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक दरियाबाद शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मेंथा टंकी फटने से किसान के झुलसने और उसकी बेटी की मौत होने की सूचना नहीं है।
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दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल से लखनऊ के सिविल अस्पताल भेजा गया जहां मासूम बच्ची की मौत हो गई और पिता की भी हालत गंभीर बनी हुई है।
शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में टंकी फटने से दो किशोरियों की भी मौत हो चुकी है। बावजूद इसके प्रशासन मानक विहीन बन रही टंकियों की जांच करना उचित नहीं समझ रहा है।
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दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सुल्तानीपुरवा निवासी जगमोहन शनिवार को गांव के ही वंशराज के यहां मजदूरी पर मेंथा पेराई करने के लिए गया हुआ था। उसके साथ उसकी छह साल की बेटी ज्योति भी जिद करके गई थी। सुबह करीब नौ बजे जगमोहन टंकी में ईंधन की झोंकाई का कार्य कर रहा था और उसकी बेटी उसके पास बैठी थी।
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अचानक तेज आवाज के साथ टंकी में विस्फोट हुआ और खौलता पानी व गर्म फसल के नीचे दोनों दब गए। आस-पास मौजूद लोग जब तक दोनों को बचाते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे। आननफानन सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत देख बाप-बेटी को सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान ही मासूम की मौत हो गई और पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक दरियाबाद शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि मेंथा टंकी फटने से किसान के झुलसने और उसकी बेटी की मौत होने की सूचना नहीं है।