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बस में 42 की क्षमता, सवार थी 140 सवारी
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बाराबंकी। रामसनेहीघाट बस दुघर्टना में 18 लोगों की मौत के बाद डग्गामार बसों पर शिकंजा कसता जा रहा है। जिले में सात दिनों तक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को अभियान के दौरान मोहम्मदपुर चौकी के बाद एक ओवरलोड बस पकड़ी गई। 42 यात्रियों की क्षमता वाली बस में 140 यात्री सवार थे।
हाल यह है कि यह बस इतना लंबा सफर करते हुए यहां आ पहुंची लेकिन रास्ते में किसी ने उसे चेक करने की जहमत नहीं उठाई। इससे साफ है कि परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर है। एआरटीओ प्रवर्तन ने बस को सीज करते हुए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
शहर इलाके के मोहम्मदपुर चौकी के पास मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन की टीम ने चेकिंग के दौरान एक ओवरलोड बस पकड़ी। हरियाणा के पानीपत से दरभंगा बिहार जा रही बस जैसे ही मोहम्मदपुर चौकी के पास पहुंची। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. सर्वेश गौतम ने बस को रोकवा कर जांच की तो बस में भूसे की तरह सवारी देख दंग रह गए।
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बस में 140 यात्री सवार थे। सभी सवारी को नीचे उतारा गया। जांच के दौरान कागजात 30 स्लीपर व 12 सिंटिंग के मिले। आरआई आरके वर्मा ने तकनीकी जांच की तो बस में बिना अनुमति अल्ट्रेशन (परिवर्तन) पाया गया। एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि सिटिंग के हिसाब से बस अनफिट पाई गई है। बिना अनुमति बस में परिवर्तन किए जाने और अन्य कमियां पाए जाने पर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए बस को सीज कर दिया है।
इसकी सूचना बागपत प्रशासन को भी भेजी गई है। बकाया टैक्स एक लाख 30 हजार रुपये जमा कराया गया है। ड्राइवर का लाइसेंस, बस का परमिट व फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। पकड़ी गई बस पानीपत स्थित बालाजी ट्रैवेल एजेंसी जिला बागपत से संचालित होती है। रामसनेहीघाट में हुई घटना के बाद चेकिंग अभियान में अभी तक करीब 50 बसों का चालान किया जा चुका है और 12 बसें सीज की जा चुकी हैं।
जांच के दौरान बस की सवारियों को नीचे उतार दिया गया। बस के यात्रियों के भोजन के लिए समाजसेवी संस्थाएं आगे आईं और यात्रियों में फल, सब्जी, पूड़ी व पानी का वितरण किया। यात्रियों को दो बसों से गंतव्य तक भेजा गया है।
-डॉ. सर्वेश गौतम, एआरटीओ प्रवर्तन
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हाल यह है कि यह बस इतना लंबा सफर करते हुए यहां आ पहुंची लेकिन रास्ते में किसी ने उसे चेक करने की जहमत नहीं उठाई। इससे साफ है कि परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर है। एआरटीओ प्रवर्तन ने बस को सीज करते हुए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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शहर इलाके के मोहम्मदपुर चौकी के पास मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन की टीम ने चेकिंग के दौरान एक ओवरलोड बस पकड़ी। हरियाणा के पानीपत से दरभंगा बिहार जा रही बस जैसे ही मोहम्मदपुर चौकी के पास पहुंची। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. सर्वेश गौतम ने बस को रोकवा कर जांच की तो बस में भूसे की तरह सवारी देख दंग रह गए।
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बस में 140 यात्री सवार थे। सभी सवारी को नीचे उतारा गया। जांच के दौरान कागजात 30 स्लीपर व 12 सिंटिंग के मिले। आरआई आरके वर्मा ने तकनीकी जांच की तो बस में बिना अनुमति अल्ट्रेशन (परिवर्तन) पाया गया। एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि सिटिंग के हिसाब से बस अनफिट पाई गई है। बिना अनुमति बस में परिवर्तन किए जाने और अन्य कमियां पाए जाने पर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए बस को सीज कर दिया है।
इसकी सूचना बागपत प्रशासन को भी भेजी गई है। बकाया टैक्स एक लाख 30 हजार रुपये जमा कराया गया है। ड्राइवर का लाइसेंस, बस का परमिट व फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। पकड़ी गई बस पानीपत स्थित बालाजी ट्रैवेल एजेंसी जिला बागपत से संचालित होती है। रामसनेहीघाट में हुई घटना के बाद चेकिंग अभियान में अभी तक करीब 50 बसों का चालान किया जा चुका है और 12 बसें सीज की जा चुकी हैं।
जांच के दौरान बस की सवारियों को नीचे उतार दिया गया। बस के यात्रियों के भोजन के लिए समाजसेवी संस्थाएं आगे आईं और यात्रियों में फल, सब्जी, पूड़ी व पानी का वितरण किया। यात्रियों को दो बसों से गंतव्य तक भेजा गया है।
-डॉ. सर्वेश गौतम, एआरटीओ प्रवर्तन