{"_id":"69961d8bee684aeb7f00d76d","slug":"cheating-in-the-name-of-sending-to-thailand-fir-registered-against-three-agents-barabanki-news-c-315-1-brb1001-159310-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: थाईलैंड भेजने के नाम पर ठगी, तीन एजेंटों पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: थाईलैंड भेजने के नाम पर ठगी, तीन एजेंटों पर प्राथमिकी दर्ज
Thu, 19 Feb 2026 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 19 Feb 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
सूरतगंज। थाईलैंड भेजने के नाम पर युवक से दो लाख 63 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर तीन एजेंटों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी अलाउद्दीन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने पुत्र जीशान को 29 मई 2024 को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए थाईलैंड के वेंटाइन लाओस भेजा था। वहां पहुंचने पर पता चला कि एजेंटों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। अलाउद्दीन का कहना है कि हमीम टेलर, समसुद्दीन और मो. फरीदुद्दीन नामक एजेंटों ने उसके बेटे को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का वादा किया था, लेकिन वहां पहुंचने पर जीशान को गलत काम कराया गया। जब उसने काम करने से मना किया तो उसकी पिटाई भी की गई। भारतीय दूतावास की मदद से जीशान 21 अगस्त 2024 को घर वापस लौट आया। घर आने के बाद जब उसने एजेंटों से अपने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने और अपहरण की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, एजेंटों ने तीन बार में ढाई लाख रुपये नकद और 13 हजार रुपये ऑनलाइन लिए थे।
कोतवाल आशुतोष मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर तीनों एजेंटों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की छानबीन की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी अलाउद्दीन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने पुत्र जीशान को 29 मई 2024 को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए थाईलैंड के वेंटाइन लाओस भेजा था। वहां पहुंचने पर पता चला कि एजेंटों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। अलाउद्दीन का कहना है कि हमीम टेलर, समसुद्दीन और मो. फरीदुद्दीन नामक एजेंटों ने उसके बेटे को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का वादा किया था, लेकिन वहां पहुंचने पर जीशान को गलत काम कराया गया। जब उसने काम करने से मना किया तो उसकी पिटाई भी की गई। भारतीय दूतावास की मदद से जीशान 21 अगस्त 2024 को घर वापस लौट आया। घर आने के बाद जब उसने एजेंटों से अपने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने और अपहरण की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, एजेंटों ने तीन बार में ढाई लाख रुपये नकद और 13 हजार रुपये ऑनलाइन लिए थे।
विज्ञापन
कोतवाल आशुतोष मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर तीनों एजेंटों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की छानबीन की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन