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बंदी ने खुद को किया घायल
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:52 PM IST
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घायल बंदी
- फोटो : अमर उजाला
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जेल में अवैध वसूली से लेकर नशे का कारोबार तक किया जा रहा है। इससे तंग आकर एक बंदी ने मंगलवार को कचहरी में पेशी पर आने के दौरान लॉकप में ब्लेड से काटकर व दीवार से सिर फोड़कर जान देने का प्रयास किया। बंदी की इस हरकत से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे बंदी ने मीडिया के सामने जेल में चल रहे गोरखधंधे की पोल खोलकर रख दी। हालांकि अब अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं। एएसपी दिगंबर कुशवाहा व सीओ सिटी संतोष सिंह ने कचहरी पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
शहर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ला निवासी फजल उर्फ फहीम (28) को कोतवाली पुलिस ने चोरी के मामले में तीन साल पहले जेल भेजा था। मंगलवार को फजल की कोर्ट में पेशी थी, जिसके लिए उसे जेल से कचहरी लाकॅप में लाया गया था। यहां लाकॅप में अचानक फजल खून से लथपथ हो गया।
इसकी जानकारी होते हुए पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बंदी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों की मानें तो फजल ने ब्लेड से सिर पर वार करने के बाद दीवार पर मारकर सिर फाड़ लिया, पुलिस का कहना है कि बंदी नशे का आदी है, जिससे यह घटना की है। बंदी का इलाज कराने के बाद उसे जेल भेजा गया है।
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बंदी फजल ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेल में तैनात दो सिपाही अंदर बैरकों में मारफीन, गांजा की पुड़िया के साथ अवैध रूप से शराब बेचवाने का काम करते हैं। मारफीन व गांजा की पुड़िया पांच सौ में तो शराब का पौवा एक हजार में दिलाने की बात कही है। बंदी ने बताया कि जेल में जो रसूखदार कैदी व बंदी निरुद्ध हैं, वह सिपाहियों को मनमाने पैसे देकर मोबाइल मंगवाकर बात करते हैं। जो बंदी जेल के सिपाहियों को पैसा नहीं देते है, उनकी पिटाई की जाती है।
पेशी पर आने वाले बंदी के पास कचहरी लाकॅप में ब्लेड कैसे पहुंचा, यह बात भी चर्चा का विषय है। जो बंदी पेशी पर आते हैं, उनकी तलाशी ली जाती है, ऐसे में बंदी को ब्लेड उपलब्ध कराने के पीछे भी किसी पुलिस कर्मी का हाथ होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कचहरी के लॉकप प्रभारी उदयभान पाठक ने बताया कि बंदी ने लॉकप में दरवाजे पर सिर पटककर फोड़ लिया था। वह नशे का आदी है। बंदी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोतवाली में तहरीर देने की बात कही।
दिगंबर कुशवाहा, एएसपी उत्तरी बंदी ने कचहरी लाकॅप में खुद को ब्लेड मार लिया था। वह नशे का आदी है, शायद इसकी वजह से ऐसी हरकत की। बंदी के पास ब्लेड कहां से पहुंचा, इसकी जांच कराई जाएगी।
उमेश कुमार सिंह, जेल अधीक्षक पेशी पर गया बंदी फजल नशेड़ी है। इससे पहले भी वह खुद को चोट पहुंचाने की हरकत कर चुका है। बंदी ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसकी जांच करवाई जाएगी। यदि इसमें किसी जेल कर्मी का दोष मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -
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शहर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ला निवासी फजल उर्फ फहीम (28) को कोतवाली पुलिस ने चोरी के मामले में तीन साल पहले जेल भेजा था। मंगलवार को फजल की कोर्ट में पेशी थी, जिसके लिए उसे जेल से कचहरी लाकॅप में लाया गया था। यहां लाकॅप में अचानक फजल खून से लथपथ हो गया।
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इसकी जानकारी होते हुए पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बंदी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूत्रों की मानें तो फजल ने ब्लेड से सिर पर वार करने के बाद दीवार पर मारकर सिर फाड़ लिया, पुलिस का कहना है कि बंदी नशे का आदी है, जिससे यह घटना की है। बंदी का इलाज कराने के बाद उसे जेल भेजा गया है।
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बंदी फजल ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जेल में तैनात दो सिपाही अंदर बैरकों में मारफीन, गांजा की पुड़िया के साथ अवैध रूप से शराब बेचवाने का काम करते हैं। मारफीन व गांजा की पुड़िया पांच सौ में तो शराब का पौवा एक हजार में दिलाने की बात कही है। बंदी ने बताया कि जेल में जो रसूखदार कैदी व बंदी निरुद्ध हैं, वह सिपाहियों को मनमाने पैसे देकर मोबाइल मंगवाकर बात करते हैं। जो बंदी जेल के सिपाहियों को पैसा नहीं देते है, उनकी पिटाई की जाती है।
पेशी पर आने वाले बंदी के पास कचहरी लाकॅप में ब्लेड कैसे पहुंचा, यह बात भी चर्चा का विषय है। जो बंदी पेशी पर आते हैं, उनकी तलाशी ली जाती है, ऐसे में बंदी को ब्लेड उपलब्ध कराने के पीछे भी किसी पुलिस कर्मी का हाथ होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कचहरी के लॉकप प्रभारी उदयभान पाठक ने बताया कि बंदी ने लॉकप में दरवाजे पर सिर पटककर फोड़ लिया था। वह नशे का आदी है। बंदी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोतवाली में तहरीर देने की बात कही।
दिगंबर कुशवाहा, एएसपी उत्तरी बंदी ने कचहरी लाकॅप में खुद को ब्लेड मार लिया था। वह नशे का आदी है, शायद इसकी वजह से ऐसी हरकत की। बंदी के पास ब्लेड कहां से पहुंचा, इसकी जांच कराई जाएगी।
उमेश कुमार सिंह, जेल अधीक्षक पेशी पर गया बंदी फजल नशेड़ी है। इससे पहले भी वह खुद को चोट पहुंचाने की हरकत कर चुका है। बंदी ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसकी जांच करवाई जाएगी। यदि इसमें किसी जेल कर्मी का दोष मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -