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Barabanki News: छह घंटे में 36 मकानों पर चला बुलडोजर
Sat, 06 Jun 2026 02:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:51 AM IST
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बाराबंकी। लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग के चौड़ीकरण के रास्ते में बाधा बने अनवारी गांव में 36 मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। यह सभी मकान तालाब और राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर पिछले पांच दशकों से अधिक समय से बने हुए थे, जिनमें कई लोग निवास कर रहे थे और कुछ में दुकानें संचालित हो रही थीं।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे एसडीएम कार्तिकेय सिंह, सीओ जगतराम कनौजिया और भारी पुलिस व पीएसी बल की मौजूदगी में दो जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई, जो शाम छह बजे तक चली।
प्रशासन की ओर से पहले ही इन मकानों को खाली करने का नोटिस और बृहस्पतिवार को अंतिम चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद लोग मकान खाली करने को तैयार नहीं थे। इस कार्रवाई के दौरान लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वहीं दूसरी ओर, आशियाना उजड़ जाने के बाद पीड़ित परिवार सड़कों पर अपने सामान के साथ रोते-बिलखते नजर आए।
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इनके ढहाए गए मकान
जिन मकानों को ढहाया गया है। उनके वाद तहसीलदार न्यायिक फतेहपुर की अदालत में लंबे समय से चल रहे थे। इनमें गनेश गुप्ता, नियामत रसूल, अम्बर, हारून, शकील, सुफ्फान, वहीद, कल्लन, अहमद रऊफ, मसूद, आसिक, इफ्राहिम, तनवीर अहमद, अल्ताफ, महेश, रस्सू, सुरेश, शिवकुमार, यामीन, जुनेद, अनन्तराम, रामदीन, भगवानदीन, सतीश, रमन, शफी अहमद, रामकुवंर, वसी अहमद, सिराज, अनीक, सलमान, साऊथ, मुनीश, अली अहमद, ईश्वरी और पप्पू प्रसाद के मकान ढहाए गए।
वर्जन
ज्यादातर मकान तालाब की जमीन में बने हुए थे। तहसीलदार कोर्ट से हुए आदेश का अनुपालन कराया गया है। यह मकान सड़क चौड़ीकरण में भी बाधा बने हुए थे।
कार्तिकेय सिंह, एसडीएम फतेहपुर
..............................
पहले भी जमींदोज हुई सात अवैध प्लाॅटिंग
जिला प्रशासन ने एक सप्ताह में सात अवैध प्लाॅटिंगों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जमींदोज कर दिया गया है। डीएम ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ध्वस्तीकरण के इस अभियान से पहले उन्हें न्यायालय की ओर से नोटिस जारी की गई थी। बड़ेल के समृद्धि इंफ्राटेक, रेदुआ पल्हरी के देव इंफ्रा, नानमऊ के स्टालिन इंफ्रा डेवलपर्स, सिपहिया के एमएस ग्रीन सिटी, लक्षबर बजहा के श्री कैप एसोसिएट प्रालि, खजूरगांव के समर्थ इंफ्रा, गोल्डमार इंफ्रा और नानमऊ के इंफ्रा तथा शिव साईं शक्ति की ओर से बिना लेआउट पास कराए कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की गई थी।
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जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे एसडीएम कार्तिकेय सिंह, सीओ जगतराम कनौजिया और भारी पुलिस व पीएसी बल की मौजूदगी में दो जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई, जो शाम छह बजे तक चली।
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प्रशासन की ओर से पहले ही इन मकानों को खाली करने का नोटिस और बृहस्पतिवार को अंतिम चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद लोग मकान खाली करने को तैयार नहीं थे। इस कार्रवाई के दौरान लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वहीं दूसरी ओर, आशियाना उजड़ जाने के बाद पीड़ित परिवार सड़कों पर अपने सामान के साथ रोते-बिलखते नजर आए।
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इनके ढहाए गए मकान
जिन मकानों को ढहाया गया है। उनके वाद तहसीलदार न्यायिक फतेहपुर की अदालत में लंबे समय से चल रहे थे। इनमें गनेश गुप्ता, नियामत रसूल, अम्बर, हारून, शकील, सुफ्फान, वहीद, कल्लन, अहमद रऊफ, मसूद, आसिक, इफ्राहिम, तनवीर अहमद, अल्ताफ, महेश, रस्सू, सुरेश, शिवकुमार, यामीन, जुनेद, अनन्तराम, रामदीन, भगवानदीन, सतीश, रमन, शफी अहमद, रामकुवंर, वसी अहमद, सिराज, अनीक, सलमान, साऊथ, मुनीश, अली अहमद, ईश्वरी और पप्पू प्रसाद के मकान ढहाए गए।
वर्जन
ज्यादातर मकान तालाब की जमीन में बने हुए थे। तहसीलदार कोर्ट से हुए आदेश का अनुपालन कराया गया है। यह मकान सड़क चौड़ीकरण में भी बाधा बने हुए थे।
कार्तिकेय सिंह, एसडीएम फतेहपुर
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पहले भी जमींदोज हुई सात अवैध प्लाॅटिंग
जिला प्रशासन ने एक सप्ताह में सात अवैध प्लाॅटिंगों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जमींदोज कर दिया गया है। डीएम ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ध्वस्तीकरण के इस अभियान से पहले उन्हें न्यायालय की ओर से नोटिस जारी की गई थी। बड़ेल के समृद्धि इंफ्राटेक, रेदुआ पल्हरी के देव इंफ्रा, नानमऊ के स्टालिन इंफ्रा डेवलपर्स, सिपहिया के एमएस ग्रीन सिटी, लक्षबर बजहा के श्री कैप एसोसिएट प्रालि, खजूरगांव के समर्थ इंफ्रा, गोल्डमार इंफ्रा और नानमऊ के इंफ्रा तथा शिव साईं शक्ति की ओर से बिना लेआउट पास कराए कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की गई थी।