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Barabanki News: बजट ने भर दी बाराबंकी की झाेली, बुढ़वल तक पटरी बिछाने के लिए 425 करोड़

Tue, 03 Feb 2026 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Feb 2026 02:00 AM IST
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Budget fills Barabanki's pockets, Rs 425 crore to lay track till Budhwal
बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक साथ आई तीन ट्रेनें।  - फोटो : बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक साथ आई तीन ट्रेनें।
बाराबंकी। रेल बजट में इस बार बाराबंकी को बड़ी सौगात मिली है। बाराबंकी से बुढ़वल व बुढ़वल से गोंडा तक रेल पटरी बिछाने के लिए करीब 1221 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जो पिछले दो दशकों में अब तक की सबसे बड़ी रेलवे सौगात मानी जा रही है।
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बजट के तहत बाराबंकी से बुढ़वल तक तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए 425 करोड़ 55 लाख रुपये, जबकि बुढ़वल से गोंडा कचहरी तक चौथी रेलवे लाइन के लिए 796 करोड़ 30 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
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वर्तमान स्थिति में बाराबंकी से बुढ़वल तक दो रेलवे लाइनें हैं, जबकि बुढ़वल के पास घाघरा घाट से करनैलगंज होते हुए गोंडा कचहरी तक करीब 21 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन पहले ही बन चुकी है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार नए बजट में बड़ा फैसला लिया गया है। बाराबंकी से बुढ़वल तक करीब 29.99 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी, जिस पर 425 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं बुढ़वल से गोंडा कचहरी तक 55 किलोमीटर लंबी चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को भी हरी झंडी मिल चुकी है, जिस पर 796 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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बुढ़वल ने तीन दिशाओं में चलती है 150 से अधिक ट्रेनें



आइए इस रेल रूट को समझते हैं। बाराबंकी से बिहार के छपरा तक करीब 425 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग पूर्वोत्तर रेलवे का प्रमुख मार्ग है और अत्यधिक व्यस्त रूट है। इस मार्ग पर रोजाना 150 से अधिक ट्रेनें संचालित होती हैं। बुढ़वल रेलवे स्टेशन बाराबंकी के ही रामनगर तहसील क्षेत्र में पड़ता है। इसका महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि सीतापुर की रेल लाइन भी बुढ़वल में आकर मिलती है। यानी बुढ़वल से बाराबंकी, सीतापुर व गोंडा तीनों दिशाओं रेल लाइनें जाती हैं।






2030 तक बाराबंकी से गोंडा तक फोरलेन रूट

इन परियोजनाओं के पूरा होने में करीब तीन साल का समय कम से कम लगेगा। माना जा रहा है कि वर्ष 2030 तक बाराबंकी से बुढ़वल और गोंडा तक तीन से चार रेलवे लाइनें हो जाएंगी, जिससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, जाम की समस्या घटेगी और यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
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