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Barabanki News: 15 अप्रैल तक पूरा होगा पुल निर्माण, प्रयागराज वर्कशॉप से आए पीपे
Tue, 03 Mar 2026 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 03 Mar 2026 01:19 AM IST
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रामनगर (बाराबंकी)। सरयू नदी पर बने संजय सेतु की मरम्मत से पहले अब आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था का रास्ता साफ हो गया है। शासन की स्वीकृति के बाद 6.28 करोड़ रुपये से 550 मीटर लंबा पीपा पुल बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 15 अप्रैल तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। प्रयागराज वर्पशॉप से 20 पीपे पहुंच गए हैं।
बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर दोनों जिलों की सीमा पर बने संजय सेतु में दरार आने से इसकी मरम्मत हाेनी है। इसे लेकर दिसंबर 2025 से ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी शुरू की। माना जा रहा था कि संजय सेतु पर आवागमन रोककर ही मरम्मत हो सकती है। जनवरी में एनएचएआई ने बाराबंकी और बहराइच के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दो माह तक संजय सेतु पर आवागमन रोकने की अनुमति मांगी।
इस बीच प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि मार्ग केवल बाराबंकी-बहराइच तक सीमित नहीं है। यह देवीपाटन मंडल समेत आठ जिलों के आवागमन का माध्यम है। करीब 15 हजार छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से रोजाना गुजरते हैं। यदि सीधा आवागमन रोका जाता है तो छोटे वाहनों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इस बीच तय हुआ कि आवागमन के लिए वैकल्पिक रूप में पीपे के पुल का निर्माण कराया जाए और फिर संजय सेतु की मरम्मत शुरू हो। इस बीच दो महीने की जद्दोजहद के बाद अब पीपा पुल निर्माण की तैयारी धरातल पर दिखने लगा है।
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एनएचएआई के सहायक अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि बजट स्वीकृत होते ही कार्य को प्राथमिकता पर कराया जाएगा। आवश्यक पीपे और मशीनरी मौके पर पहुंचाई जा रही है। निर्माण एजेंसी को 15 अप्रैल तक पुल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद संजय सेतु की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।
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बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर दोनों जिलों की सीमा पर बने संजय सेतु में दरार आने से इसकी मरम्मत हाेनी है। इसे लेकर दिसंबर 2025 से ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी शुरू की। माना जा रहा था कि संजय सेतु पर आवागमन रोककर ही मरम्मत हो सकती है। जनवरी में एनएचएआई ने बाराबंकी और बहराइच के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दो माह तक संजय सेतु पर आवागमन रोकने की अनुमति मांगी।
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इस बीच प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि मार्ग केवल बाराबंकी-बहराइच तक सीमित नहीं है। यह देवीपाटन मंडल समेत आठ जिलों के आवागमन का माध्यम है। करीब 15 हजार छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से रोजाना गुजरते हैं। यदि सीधा आवागमन रोका जाता है तो छोटे वाहनों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। इस बीच तय हुआ कि आवागमन के लिए वैकल्पिक रूप में पीपे के पुल का निर्माण कराया जाए और फिर संजय सेतु की मरम्मत शुरू हो। इस बीच दो महीने की जद्दोजहद के बाद अब पीपा पुल निर्माण की तैयारी धरातल पर दिखने लगा है।
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एनएचएआई के सहायक अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि बजट स्वीकृत होते ही कार्य को प्राथमिकता पर कराया जाएगा। आवश्यक पीपे और मशीनरी मौके पर पहुंचाई जा रही है। निर्माण एजेंसी को 15 अप्रैल तक पुल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद संजय सेतु की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।