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पुलिया क्षतिग्रस्त,श्रमदान कर ग्रामीणों ने बनाया अस्थाई मार्ग
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सूरतगंज (बाराबंकी)। ब्लॉक सूरतगंज क्षेत्र के बाढ़ क्षेत्र हेतमापुर के सुंदरनगर गांव के पास सूरतगंज-हेतमापुर मुख्य मार्ग पर एक पुलिया का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने बांध निर्माण के बाद किया गया था। इस पुलिया का निर्माण करीब चार वर्ष पूर्व हुआ था। पिछले वर्ष बाढ़ के तेज बहाव ने इसे धराशायी कर दिया था। तब से यहां के लोगों का आवागमन बाधित था। पिछले दो वर्षों से यहां की जनता प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि से पुलिया निर्माण की मांग कर रहे थे।
सरकारी तंत्र से निराश ग्रामीणों ने बुधवार को खुद के संसाधनों से पुलिया के निकट अस्थायी रास्ता बनाने का कार्य शुरु कर दिया। श्रमकार्य में जुटे श्याम मिश्रा, वसीम, सलीम, रविशंकर, साबिर समेत कईयों ने कहा कि श्रमदान से अब शीध्र ही आवागमन सुचारु रुप से चालू हो जाएगा।
इस पुलिया के धराशायी होने से जहां हेतमापुर स्थित बाबा नारायण दास की समाधि व मंदिर पर आने वाले भक्तों को पैदल व बाढ़ के दिनों में नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता था। अब वैकल्पिक रास्ता बने से जहां एक ओर भक्तों को दिक्कत नहीं होगी तो वहीं हेतमापुर, बलईपुर, बेलहरी, बाबापुरवा, केदारीपुर, सरसंडा, ललपुरवा, कचनापुर समेत दर्जन भर गांवों के लोगों को इस मुसीबत से निजात मिल सकेगी।
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ग्रामीणों की इस पहल में पीएसी के जवानों ने भी मदद की है। बाढ़ के चलते तटबंध पर शरण लिये 10वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने रास्ता बनाने के इस कार्य में उनकी मदद भी की।
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सरकारी तंत्र से निराश ग्रामीणों ने बुधवार को खुद के संसाधनों से पुलिया के निकट अस्थायी रास्ता बनाने का कार्य शुरु कर दिया। श्रमकार्य में जुटे श्याम मिश्रा, वसीम, सलीम, रविशंकर, साबिर समेत कईयों ने कहा कि श्रमदान से अब शीध्र ही आवागमन सुचारु रुप से चालू हो जाएगा।
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इस पुलिया के धराशायी होने से जहां हेतमापुर स्थित बाबा नारायण दास की समाधि व मंदिर पर आने वाले भक्तों को पैदल व बाढ़ के दिनों में नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता था। अब वैकल्पिक रास्ता बने से जहां एक ओर भक्तों को दिक्कत नहीं होगी तो वहीं हेतमापुर, बलईपुर, बेलहरी, बाबापुरवा, केदारीपुर, सरसंडा, ललपुरवा, कचनापुर समेत दर्जन भर गांवों के लोगों को इस मुसीबत से निजात मिल सकेगी।
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ग्रामीणों की इस पहल में पीएसी के जवानों ने भी मदद की है। बाढ़ के चलते तटबंध पर शरण लिये 10वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने रास्ता बनाने के इस कार्य में उनकी मदद भी की।