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Barabanki News: बायोप्सी की निडिल देगी बाराबंकी को वैश्विक पहचान
Tue, 20 Feb 2024 03:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 20 Feb 2024 03:10 AM IST
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बाराबंकी। उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश कराने में अग्रणी भूमिका निभाने व अब ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद बाराबंकी को वैश्विक पहचान मिलने की आस जग गई है। अब तक विदेशों से मंगाई जाने वाली बायोप्सी में इस्तेमाल होने वाली निडिल बाराबंकी में ही बननी शुरू हो गई है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो आने वाले कुछ महीनों में परीक्षण पूरा कर व्यापारिक वैधता पाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझने वाले मरीजों को आधे से भी कम कीमत पर निडिल सेट मिलेगा।
लखनऊ के डॉ. आर्यन प्रताप सिंह ने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद स्वदेश लौटकर पेसमेकर कंसल्टेंट के तौर पर अपने कॅरिअर की शुरुआत की। गत वर्ष इन्होंने यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान कुर्सी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य उपकरण बनाने के लिए आठ करोड़ से फैक्टरी लगाने का एमओयू हस्ताक्षर किया था। एक वर्ष में इन्होंने फैक्टरी की स्थापना कर कई प्रकार के स्वास्थ्य उपकरण बनाने शुरू किए। इसमें बायोप्सी के समय इस्तेमाल की जाने वाली निडिल सबसे अहम है।
डॉ. आर्यन बताते हैं कि अमेरिका, जापान व चीन जैसे देशों से या तो निडिल सेट आते हैं या कुछ कंपनी यहीं पर इन्हें असेंबल कर भेजती हैं। ऐसे में इस निडिल सेट की कीमत करीब 4500 रुपये आती है, जिससे मरीजों का बोझ बढ़ता है। डॉ. आर्यन यहीं पर न सिर्फ निडिल बनाएंगे, बल्कि उसे असेंबल भी करेंगे, जिसकी कीमत 2000 रुपये से भी कम होगी। उन्होंने बताया कि नवंबर 2023 से ट्रायल शुरू हो गया है और जल्द ही ट्रायल सफल होने पर डीसीजीआई से लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।
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200 करोड़ से बनेगी बोधिसत्व यूनिवर्सिटी
शहर से सटे गदिया में मेयो हॉस्पिटल की ओर से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए बोधिसत्व यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसमें करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश होना है। कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी बनाए जाने के लिए मंजूरी दे दी है। जिला प्रशासन की ओर से भूमि संबंधी प्रकरणों का निस्तारण कराया जा रहा है। यूनिवर्सिटी खुलने से एमबीबीएस की करीब 200 सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।
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लखनऊ के डॉ. आर्यन प्रताप सिंह ने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद स्वदेश लौटकर पेसमेकर कंसल्टेंट के तौर पर अपने कॅरिअर की शुरुआत की। गत वर्ष इन्होंने यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान कुर्सी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य उपकरण बनाने के लिए आठ करोड़ से फैक्टरी लगाने का एमओयू हस्ताक्षर किया था। एक वर्ष में इन्होंने फैक्टरी की स्थापना कर कई प्रकार के स्वास्थ्य उपकरण बनाने शुरू किए। इसमें बायोप्सी के समय इस्तेमाल की जाने वाली निडिल सबसे अहम है।
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डॉ. आर्यन बताते हैं कि अमेरिका, जापान व चीन जैसे देशों से या तो निडिल सेट आते हैं या कुछ कंपनी यहीं पर इन्हें असेंबल कर भेजती हैं। ऐसे में इस निडिल सेट की कीमत करीब 4500 रुपये आती है, जिससे मरीजों का बोझ बढ़ता है। डॉ. आर्यन यहीं पर न सिर्फ निडिल बनाएंगे, बल्कि उसे असेंबल भी करेंगे, जिसकी कीमत 2000 रुपये से भी कम होगी। उन्होंने बताया कि नवंबर 2023 से ट्रायल शुरू हो गया है और जल्द ही ट्रायल सफल होने पर डीसीजीआई से लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।
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200 करोड़ से बनेगी बोधिसत्व यूनिवर्सिटी
शहर से सटे गदिया में मेयो हॉस्पिटल की ओर से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए बोधिसत्व यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसमें करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश होना है। कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी बनाए जाने के लिए मंजूरी दे दी है। जिला प्रशासन की ओर से भूमि संबंधी प्रकरणों का निस्तारण कराया जा रहा है। यूनिवर्सिटी खुलने से एमबीबीएस की करीब 200 सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।