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फिर कटी बिलौली माइनर, 800 बीघे फसल जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 19 Sep 2016 11:59 PM IST
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फिर कटी बिलौली माइनर
- फोटो : अमर उजाला
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सिंचाई विभाग की लापरवाही से रविवार की देर रात बिलौली माइनर मीरामऊ व लोकाई पुरवा गांव के पास करीब सात मीटर कट गई। जिससे आस-पास की करीब 8 सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। खेत में चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। एक माह के अंदर इसी जगह पर यह माइनर पांचवीं बार कटी है। माइनर कटने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणाें में हड़कंप मच गया।
विकास खंड रामनगर के ग्राम मीरामऊ व के निकट रविवार देर रात मीरामऊ व लोकाई पुरवा गांव के पास करीब सात मीटर माइनर कट जाने से 800 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमगभन हो गई। जिससे माइनर का पानी आस पास के खेताें में भर गया। सोमवार की भोर खेत गए ग्रामीण अवधेश कुमार रावत ने खेत में पानी भरा देख ग्रामीणों को माइनर कटने की जानकारी दी। एक माह में ही पांचवी बार माइनर कटने की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
इसी माह पहले चार बार माइनर कटने से किसानों की फसल काफी हद तक बरबाद हो चुकी है। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। कटान के आसपास किसानो के खेत सिल्ट से पट गए हैं। ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी लेकिन मौके पर देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा।
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माइनर कटने से धान व गन्ने की करीब 8 सौ बीघा फसल डूब गई। जिसमें रामचंदर की 20 बीघा, गुड्डू वर्मा 20 बीघा, अवधेश कुमार 5 बीघा, श्रीराम 5 बीघा, शरद मिश्रा 10 बीघा, देवराम मिश्र 25 बीघा, दीप कुमार 16 बीघा, रमाकांत 20 बीघा, रामकुमार 16 बीघा, कैलाश 20 बीघा, मनोहर 15 बीघा, श्रीकेशन 10 बीघा, सीताराम 11 बीघा, रविंदर प्रसाद 7 बीघा समेत करीब 8 सौ बीघा फसल जलगभन हो गई।
इन ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। बताया कि माइनर कटने के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी पटान में औपचारिकता निभा चले जाते हैं जिससे इसी जगह पर माइनर कट जाती है। ग्रामीण दोपहर बाद तक कटी माइनर को बांधने मेें जुटे रहे। लेकिन माइनर कटने की शिकायत के बाद भी विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
कटान की पटान में निभाई जाती है औपचारिकता
रमाकांत, दीपकुमार, कैलाश, मनोहर गुड्डू आदि किसानों का कहना है माइनर कटने के बाद उसकी पटरियों को बांधने में विभाग की लापरवाही साफ उजागर हो चुकी है क्योंकि बिलौली माइनर एक माह के अंदर पांचवी बार इसी स्थान पर कटी है। माइनर की कटान की पटान में सिंचाई विभाग के कर्मचारी औपचारिकता निभाते हैं। पटाई के नाम पर मेंड़ जैसे बांधकर पानी छोड़ दिया गया। पटरी से सटी बालू खोदकर बांधने से माइनर बार-बार कट जाती है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
बिलौली माइनर कटने की जानकारी है। विभाग के कर्मचारियों को पटान के लिए भेजा गया है साथ ही पटरी को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। सिंचाई के लिए किसान खुद ही नहर काटते हैं। पिछली बार जब यह माइनर कटी थी तो इसकी पटान अच्छी तरह कराई गई थी। - राजनाथ यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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विकास खंड रामनगर के ग्राम मीरामऊ व के निकट रविवार देर रात मीरामऊ व लोकाई पुरवा गांव के पास करीब सात मीटर माइनर कट जाने से 800 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमगभन हो गई। जिससे माइनर का पानी आस पास के खेताें में भर गया। सोमवार की भोर खेत गए ग्रामीण अवधेश कुमार रावत ने खेत में पानी भरा देख ग्रामीणों को माइनर कटने की जानकारी दी। एक माह में ही पांचवी बार माइनर कटने की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
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इसी माह पहले चार बार माइनर कटने से किसानों की फसल काफी हद तक बरबाद हो चुकी है। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। कटान के आसपास किसानो के खेत सिल्ट से पट गए हैं। ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी लेकिन मौके पर देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा।
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माइनर कटने से धान व गन्ने की करीब 8 सौ बीघा फसल डूब गई। जिसमें रामचंदर की 20 बीघा, गुड्डू वर्मा 20 बीघा, अवधेश कुमार 5 बीघा, श्रीराम 5 बीघा, शरद मिश्रा 10 बीघा, देवराम मिश्र 25 बीघा, दीप कुमार 16 बीघा, रमाकांत 20 बीघा, रामकुमार 16 बीघा, कैलाश 20 बीघा, मनोहर 15 बीघा, श्रीकेशन 10 बीघा, सीताराम 11 बीघा, रविंदर प्रसाद 7 बीघा समेत करीब 8 सौ बीघा फसल जलगभन हो गई।
इन ग्रामीणों ने बताया कि फसल पानी में डूब जाने से यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। बताया कि माइनर कटने के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी पटान में औपचारिकता निभा चले जाते हैं जिससे इसी जगह पर माइनर कट जाती है। ग्रामीण दोपहर बाद तक कटी माइनर को बांधने मेें जुटे रहे। लेकिन माइनर कटने की शिकायत के बाद भी विभागीय कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
कटान की पटान में निभाई जाती है औपचारिकता
रमाकांत, दीपकुमार, कैलाश, मनोहर गुड्डू आदि किसानों का कहना है माइनर कटने के बाद उसकी पटरियों को बांधने में विभाग की लापरवाही साफ उजागर हो चुकी है क्योंकि बिलौली माइनर एक माह के अंदर पांचवी बार इसी स्थान पर कटी है। माइनर की कटान की पटान में सिंचाई विभाग के कर्मचारी औपचारिकता निभाते हैं। पटाई के नाम पर मेंड़ जैसे बांधकर पानी छोड़ दिया गया। पटरी से सटी बालू खोदकर बांधने से माइनर बार-बार कट जाती है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
बिलौली माइनर कटने की जानकारी है। विभाग के कर्मचारियों को पटान के लिए भेजा गया है साथ ही पटरी को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। सिंचाई के लिए किसान खुद ही नहर काटते हैं। पिछली बार जब यह माइनर कटी थी तो इसकी पटान अच्छी तरह कराई गई थी। - राजनाथ यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग